कांटों का ताज होगा बिहार के सीएम की कुर्सी : विवेकानंद कुशवाहा

बिहार के अगले मुख्यमंत्री पर चर्चा तेज, सम्राट चौधरी को मजबूत दावेदार बताया गया, नीतीश कुमार के बाद चुनौतियों से भरा होगा सीएम पद, राजनीतिक समीकरण अहम

Razi Ahmad
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Bihar CM Race : भाजपा समर्थक सवर्ण भाइयों में अगर राजनीति की जरा भी समझ होगी, तो वे बिहार में सवर्ण मुख्यमंत्री नहीं चाहेंगे। उनके संगठन का मुख्यमंत्री होना ही उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वैसे भी उनको मोदी जी का आजीवन शुक्रगुजार रहना चाहिए। जिस पार्टी की दर्जन भर से ज्यादा राज्यों में सरकार है। केंद्र में भी सरकार है। पहली बार बिहार के एक युवा नेता को उस भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है, जो कि सवर्ण वर्ग से आता है।

ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष भाजपा के एक मुख्यमंत्री की क्या सांगठनिक शक्ति होगी? नितिन नवीन अभी युवा हैं, तो कल किसने देखा है। नितिन जी को किसी ऐसी बड़ी जिम्मेदारी को निभाने का मौका मिल जाए, जो बिहार से आज तक किसी को नहीं मिला।

नीतीश चाचा के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी सबसे बेहतर विकल्प हैं। यही कारण भी है कि वे अभी भाजपा विधायक दल के नेता व सरकार के उप मुख्यमंत्री हैं। उनका मुख्यमंत्री बनना सामाजिक न्याय के रास्ते के भी अनुकूल होगा। यह बात भाजपा नेतृत्व बखूबी समझ रही है।

सम्राट जी के पास लगभग तीन दशकों का विधायी अनुभव है। तीन मुख्यमंत्री के साथ काम करने के साथ पांच से ज्यादा मंत्रालय संभाल चुके हैं। कई उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ उन पर इन वर्षों में भ्रष्टाचार का एक ठोस आरोप तक नहीं है। इसके बाद भी उनके खिलाफ बिहार की कुछ फटफटिया मीडिया में जो सेलेक्टिव कैंपेन देख रहा हूं, इसलिए यह पोस्ट लिखने की इच्छा हुई।

नीतीश चाचा ने भी जिस तरह से सम्राट जी को अपना आशीर्वाद प्रदान किया है, वह ऐसे ही नहीं दिया है। कुछेक पत्रकार तो हर दिन एक ही बात दोहराते दिख जाते हैं कि नीतीश कुमार की पसंद को भाजपा क्यों मानेगी! भैया, नीतीश चाचा भले बुजुर्ग हो चुके हैं, लेकिन राजनीति की संकरी गली में बिना फंसे उन्होंने बिहार में दो दशक तक निर्बाध शासन किया है। आज भी उन्होंने अपनी मर्जी से सीएम की कुर्सी छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्हें हटाने की स्थिति में आज भी कोई नहीं है।

हालांकि, यह भी सच है कि बिहार के सीएम का ताज फूलों का सेज नहीं, बल्कि कांटों से भरा होगा। नीतीश जी को जब बिहार मिला था, तो राज्य में बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर तक नहीं थे। आज की स्थिति दूसरी है। आज बिहार में उद्योग और रोजगार के विस्तार के साथ प्रेरित अपराध से निबटना बड़ी चुनौती होगी। मुझे पूरी उम्मीद है कि सम्राट जी उनसे निबटने में भी बखूबी सक्षम साबित होंगे।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।