तेजू भैया के निर्वासन का दौर हुआ खत्म!

तेज प्रताप यादव के संघर्ष ने बदली उनकी छवि, राजद के संकट काल में परिवार की एकता की जरूरत, 2025 चुनाव के बाद मुस्लिम-यादव समीकरण पर नई चुनौती खड़ी

Neeral Prakash
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विवेकानंद कुशवाहा

तेजू भैया के लिए पार्टी और परिवार से निष्कासन का फैसला कष्टदायक रहा होगा, लेकिन उस पीरियड ने तेज प्रताप यादव की छवि को बहुत बदला। उन्होंने अपने तरीके से लड़ाई लड़ी। कहते हैं न कि जीवन में जब तक मुश्किलें नहीं आतीं, तब तक आपका असली टैलेंट बाहर नहीं आता। साथ ही अपनों की पहचान भी मुश्किल वक्त में ही होती है।

कल वह अपने भाई के पास गये और तेजस्वी भाई के बेटे के साथ का एक रील भी शेयर किया। राजद के लिए अभी सबसे मुश्किल दौर चल रहा है। यदुवंशी वोटर तो राजद से थोड़े इधर-उधर होते रहे थे, लेकिन मुस्लिम मतदाता 1990 से राजद के साथ फेवीकॉल की तरह चिपके थे। 2025 के चुनाव परिणाम ने इस मामले में राजद की चिंता बढ़ा दी। कहें तो घुटनों के बल ला दिया।

तभी तो जिस AIMIM पर सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देने वाली पार्टी का ठप्पा लगा था, जिनको विधानसभा चुनाव के दौरान अतिवादी बता कर राजद ने गठबंधन नहीं किया, उनसे राज्यसभा चुनाव में राजद नेता ने हाथ मिला लिया। अब भाजपा की राजनीति पर हमला करने में इनको और दिक्कतें पेश आयेंगी।

इन सबके बीच तेज प्रताप यादव की यह तस्वीर राजद के समर्थकों के लिए सुकून देने वाली होगी। भले तेजू भैया मिसगाइडेड मिसाइल लगते हों, लेकिन आज की राजनीति में हर मिसाइल का अपना महत्व है। राजद वालों को उनको मना कर पार्टी में वापस ले आना चाहिए। क्योंकि, घर फूटल रहेगा, तो उनके समर्थक भी फूटेंगे। फिर तो वही होगा, जो 2025 में हुआ।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।