Lockdown : ‘ओमिक्रॉन’ से चीन में हाहाकार, 1.3 करोड़ की आबादी घर में हुई कैद

News Aroma Media
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बीजिंग: कोरोना वायरस के बदले नए स्वरूप ‘ओमिक्रॉन’ ने कई देशों में एक बार फिर त्राहि-त्राहि मचा दी है।

चीन इस महामारी की चपेट में एक बार फिर आ गया गया है। यहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है और सरकार को सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं।

कोरोना की नई लहर को रोकने के लिए चीन ने 1.3 करोड़ की आबादी वाले उत्तरी शहर शियान में लॉकडाउन का आदेश दिया है। लोगों से कहा गया है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो घरों से बाहर न निकलें।

इसके अलावा, विशेष मामलों को छोड़ कर शहर आने-जाने वाले सभी परिवहन को स्थगित कर दिया गया है। यह आदेश बुधवार आधी रात से प्रभावी हुआ और अगले आदेश तक जारी रहेगा।

आदेश में कहा गया है कि हर घर से एक व्यक्ति को प्रत्येक दो दिनों पर घरेलू इस्तेमाल की जरूरी चीजें खरीदने के लिए बाहर जाने की अनुमति होगी।

चीन ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है जब कुछ ही सप्ताह बाद यहां विंटर ओलिंपिक्स की शुरुआत होने जा रही है। 4 फरवरी से बीजिंग में विंटर ओलिंपिक्स होना है।

इसलिए चीन ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों का सहारा लिया है। कोरोना प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने और बड़े पैमाने पर टेस्टिंग, वैक्सीनेशन के जरिए चीन कोरोना से काफी हद तक सफलतापूर्वक निपटने में कामयाब रहा है।

ओमिक्रॉन वेरिएंट के खतरे के बीच ब्रिटेन में कोरोना डराने लगा है। पिछले 24 घंटे में यहां रिकॉर्ड 1 लाख से भी ज्यादा नए केस सामने आए हैं।

बताया जा रहा है कि महामारी शुरू होने के बाद पहली बार एक दिन में इतने ज्यादा संक्रमित मिले हैं। महामारी शुरू होने के बाद देश में अब तक 1 करोड़ 10 लाख से ज्यादा लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं।

वहीं 1 लाख 47 हजार 573 लोगों की जान भी जा चुकी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बढ़ते मामलों को देखते हुए जल्द से जल्द बूस्टर डोज ले लें। ब्रिटेन में अब तक 3 करोड़ से ज्यादा बूस्टर डोज दिए जा चुके हैं।

ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की वजह से कई देशों में प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। यह वेरिएंट 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है।

इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के चीफ टेड रोस ने कहा कि दुनियाभर की सरकारों को महामारी को खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए।

हमें इस महामारी को 2022 तक खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि 2022 ऐसा साल होना चाहिए जिसमें हम महामारी को खत्म करें। हर देश की 70 प्रतिशत आबादी को अगले साल जुलाई तक वैक्सीन लगा दी जाए तो महामारी को खत्म किया जा सकता है।

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