Bokaro news : झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक घोटाले का हब बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड का दुग्दा था। यहीं पर अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र और उत्तर रटवाए गए थे।यह जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोग अचंभित हैं।

झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल)-2023 घोटाले की जांच के दौरान अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की ओर से अब तक पकड़े गए 39 आरोपियों में चार आरोपी दीपक कुमार, उमेश राय, रितेश कुमार और सुरेश राय दुग्दा स्थित बीसीसीएल कॉलोनी के निवासी हैं।चारों पर रुपये लेकर 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाकर परीक्षा उत्तीर्ण कराने का आरोप है। स्थानीय लोग उन चारों आरोपियों की करतूतों से अनभिज्ञ थे।
गिरफ्तारी के बाद जब उन्हें इसकी जानकारी मिली, तो वे हतप्रभ रह गए। इस मामले में सबसे हाल में यानी बीते कल, 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किए गए 62 वर्षीय सुरेश राय बीसीसीएल के सेवानिवृत्त कर्मी हैं। उन्हें सीआईडी के विशेष जांच दल ने दुग्दा स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एम-25/3 से गिरफ्तार किया।
उनसे पहले उनके बेटे उमेश राय और दामाद दीपक कुमार को सीआईडी की टीम गिरफ्तार कर चुकी थी।उमेश राय और दीपक कुमार ने सीजीएल के अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा के लीक प्रश्नपत्र के आधार पर प्रश्न और उत्तर रटवाए थे।दोनों ने खुद भी सीजीएल की परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्ति पाई थी।उमेश राय कोयलांचल डीआईजी के बोकारो स्थित कार्यालय में पदस्थापित हुआ था।
सीआईडी की टीम ने सुरेश राय के बैंक खाते से 14 लाख रुपये और उनके बेटे उमेश राय के बैंक खाते से पांच लाख रुपये जब्त किए।ये रुपये 22 जनवरी, 2026 को दोनों के खातों में आए थे। सीआईडी की टीम को आशंका है कि प्रश्न-उत्तर रटवाने के एवज में ये रुपये सीजीएल के अभ्यर्थियों से प्राप्त किए गए थे।


