लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहा है और मतदाता सूची में कई लोगों के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं।

अखिलेश ने लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह आरोप लगाया। वह कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका सौंपने के लिए निकाले जा रहे मार्च में शामिल होने दिल्ली जा रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। भाजपा जिसे चाहती है, उसका वोट बनवा देती है। अगर आप भाजपा के सदस्य हैं, तो निर्वाचन आयोग आपको मतदाता के रूप में पंजीकृत कर देगा। अगर आप भाजपा के सदस्य हैं, तो आपको भारतीय नागरिक माना जाता है। अगर आप भाजपा के सदस्य नहीं हैं, तो आपको भारतीय नागरिक नहीं माना जाता।’’
सपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक मतदाता का नाम मतदाता सूची में 10 बार दर्ज है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर यह दावा गलत है, तो निर्वाचन आयोग और भाजपा हमें गलत साबित करें। आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक व्यक्ति के 10 वोट हैं।’’
अखिलेश ने कहा, ‘‘मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की इस कवायद के बारे में हम क्या समझें? एक व्यक्ति एक वोट डालेगा, जबकि बाकी नौ वोट भाजपा डालेगी, क्योंकि भाजपा जानती है कि उसने उस व्यक्ति के नाम पर 10 वोट बनवा रखे हैं।’’
एसआईआर की जरूरत पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने पूछा कि निर्वाचन आयोग करोड़ों रुपये खर्च करने और अधिकारियों तथा राजनीतिक नेताओं का इतना समय लेने वाली इस व्यापक कवायद के बावजूद मतदाता सूचियों को दुरुस्त क्यों नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि गोरखपुर के आदित्यवर्धन श्रीवास्तव का नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज है, जबकि गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शंभू शंकर शर्मा का नाम चार बार दर्ज है।
अखिलेश ने कहा कि नगमा रब्बानी का नाम मतदाता सूची में छह बार और प्रवीण यादव का नाम तीन बार दर्ज है।
सपा प्रमुख ने एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘इसी वजह से आंदोलन जरूरी है।’’


