कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विपक्ष पर चुनाव लड़े बिना केंद्र में भाजपा सरकार को ‘नुकसान’ पहुंचाने के लिए ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र-विरोधी ताकतों से हाथ मिलाने का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा को हरा पाना उनके लिए हमेशा दूर की कौड़ी रहेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े प्रदर्शनों के पीछे ‘डीप स्टेट’ का हाथ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस पर काम पूरी गति से चल रहा है। आयोग की रिपोर्ट दो-तीन महीने में आने के बाद इसे विधानसभा में पारित किया जाएगा।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पूरे देश के होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री या भाजपा को हराने के लिए चुनाव लड़ना पड़ेगा और ऐसा कर पाना उनके लिए दूर की कौड़ी है।’’
मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी नेता अब दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘वे चुनाव लड़े बिना देश की निर्वाचित सरकार और भाजपा को नुकसान पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्र-विरोधी लोगों, दिमागी नक्सल और जमातियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।’’
अधिकारी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने भाजपा कार्यकर्ताओं से सड़कों पर उतरने को नहीं कहा है। अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर ऐसा होता, तो राष्ट्रवादी लोग खुद ही जरूरी कदम उठा लेते।’’
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल मौजूद हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े प्रदर्शनों के पीछे ‘डीप स्टेट’ का हाथ होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र शांति और सौहार्द सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा शासन के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के ‘अत्याचारों’ का मुकाबला करने के लिए गठित तृणमूल कांग्रेस अब माकपा के महासचिव एम ए बेबी का हाथ थाम रही है।


