पणजी: बंबई उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले यहां कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिए गए उन सात लोगों से जुड़े मामले की सुनवाई सरकारी अस्पताल से उनकी चिकित्सा रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण सोमवार को अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी।

आफरीन (अमरीन) शेख, जैक सुखीजा, भूपेश भिंड, आदित्य परुलेकर, लिस्टन नोरोंहा, शमीनो फर्नांडिस और मिलिंद राणे को रविवार को हिरासत में लिया गया था। बाद में उच्च न्यायालय की गोवा पीठ के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया।
उच्च न्यायालय ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अपनी चिकित्सा जांच कराने का निर्देश देते हुए सोमवार को सुनवाई तय की थी।
कार्यकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता नोर्मा अल्वारेस ने संवाददाताओं को बताया कि सोमवार को न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की पीठ को बताया गया कि सात में से छह कार्यकर्ताओं ने जीएमसीएच में अपनी चिकित्सा जांच कराई है, लेकिन सरकारी अस्पताल ने अभी तक उनकी चिकित्सा रिपोर्ट नहीं दी है।
उन्होंने कहा कि अदालत में पणजी और पेरनेम पुलिस थानों के निरीक्षकों तथा तिसवाड़ी के कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से दाखिल हलफनामों की प्रतियां भी सौंपी गईं।
अल्वारेस ने कहा कि इन हलफनामों में कॉजपा से संबंधित पिछली घटनाओं का विस्तृत ब्योरा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने महाधिवक्ता देविदास पंगम से मामले में तेजी लाने और अगले सोमवार से पहले जीएमसीएच से चिकित्सा रिपोर्ट प्राप्त करने को कहा है।
पुलिस ने हलफनामे के जरिए अदालत को बताया कि उसे आजाद मैदान में दिक्कतें होने की आशंका थी, इसलिए उसने कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हलफनामे के अनुसार, हिरासत में लिए गए छह लोगों को पेरनेम थाने और एक को पणजी थाने ले जाया गया था।


