
Skeleton Recovered : झारखंड के बोकारो से सामने आया एक गुमशुदगी का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। कई सालों से लापता एक युवती के मामले में पुलिस ने कंकाल बरामद करने का दावा किया है, जिसके बाद पूरे केस ने नया रूप ले लिया है। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद और भी संवेदनशील हो गया है, जहां अदालत ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि युवती वर्ष 2021 में अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने लगातार पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। अब कंकाल मिलने के बाद पुलिस इसे केस का अहम सबूत बता रही है, लेकिन परिवार इस पर भरोसा नहीं जता रहा और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और पूछा कि आखिर FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई। साथ ही, संदिग्ध के नार्को टेस्ट में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए गए।
मामले में एक और विवाद तब खड़ा हुआ जब पीड़ित परिवार के एक सदस्य के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट की बात सामने आई। अदालत ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
अब कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि अगर जांच में पारदर्शिता नहीं दिखी, तो केस को CBI को सौंपा जा सकता है। फिलहाल, पूरे मामले पर राज्य भर की नजर बनी हुई है और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद कोर्ट से ही है।

