

बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं। वह एक बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म में स्वामी विवेकानंद की शिष्या और आयरलैंड में जन्मी समाज सुधारक सिस्टर निवेदिता की भूमिका निभाती नजर आएंगी। हाल ही में फिल्म से उनका पहला लुक सामने आया, जिसे दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायक किरदार को निभाने को लेकर सेलिना काफी उत्साहित हैं और इसे अपने करियर का विशेष पड़ाव मानती हैं।





निजी जिंदगी के दर्द ने किया भावुक
एक इंटरव्यू के दौरान सेलिना जेटली ने अपने जीवन के कई दर्दनाक अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि माता-पिता की मृत्यु, अपने जुड़वां बच्चों में से एक को खोने का दुख और भाई के जेल में होने का दर्द उन्हें भीतर तक तोड़ चुका था। इन घटनाओं ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। सेलिना ने कहा कि कई बार वह पूरी तरह टूट जाती हैं, लेकिन फिर खुद को संभालकर नए सिरे से जीवन की शुरुआत करती हैं।
स्वामी विवेकानंद की सीख से मिली शक्ति
सेलिना के अनुसार, कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा उन्हें स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं से मिली। उन्होंने बताया कि सिस्टर निवेदिता का जीवन त्याग, समर्पण और सेवा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने अपनी पहचान, देश और सुख-सुविधाओं को छोड़कर एक बड़े उद्देश्य के लिए जीवन समर्पित कर दिया था। यही वजह है कि यह किरदार उनके लिए केवल अभिनय नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जिम्मेदारी भी है।
युवाओं तक पहुंचेगी सिस्टर निवेदिता की प्रेरक कहानी
सेलिना ने फिल्म निर्माता राम कमल मुखर्जी की सराहना करते हुए कहा कि उनके साथ काम करना एक विशेष अनुभव है। उन्होंने निर्माता अरित्रा दास और सरबानी मुखर्जी का भी आभार व्यक्त किया। सेलिना का मानना है कि इस फिल्म के माध्यम से नई पीढ़ी पहली बार सिस्टर निवेदिता के जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान को करीब से जान सकेगी। यह फिल्म इतिहास, साहित्य और प्रेरणा का अनूठा संगम साबित हो सकती है।
