आजादी के बाद से श्रमिकों के अधिकारों के लिए सबसे बड़ा झटका हैं नई श्रम संहिताएं: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नई श्रम संहिताओं को श्रमिक अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए मोदी सरकार पर चुनाव बाद गुपचुप तरीके से नियम लागू करने का आरोप लगाया।

Neeral Prakash
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नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को दावा किया कि सरकार द्वारा लागू चार नई श्रम संहिताएं आजादी के बाद से श्रमिकों के अधिकारों के लिए सबसे बड़ा झटका हैं और मोदी सरकार ने हालिया विधानसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद “कायरतापूर्ण अंदाज” में इनके नियमों को अधिसूचित किया।

उन्होंने कांग्रेस के इस वादे को दोहराया कि केंद्र में पार्टी की सरकार बनने पर इन श्रम संहिताओं की समीक्षा की जाएगी। खरगे ने एक बयान में कहा, ‘अपने चिर परिचित कायरतापूर्ण अंदाज में मोदी सरकार ने 8 और 9 मई 2026 को चार श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं को अधिसूचित किया और इससे पहले विधानसभा चुनावों के समाप्त होने का इंतजार किया। भारत के करोड़ों श्रमिकों के लिए ये संहिताएं काम पर रखने और नौकरी से निकालने की नीतियों, अनुबंध पर रोजगार और यूनियन की गतिविधि के लिए सीमित संभावना प्रदान करती हैं।’

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।