
रांची : रांची में बहुचर्चित अपहरण और हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। दुमका के पूर्व उत्पाद अधीक्षक के पुत्र गौतम अखौरी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए जनक प्रसाद को सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने हाल ही में उसे दोषी ठहराया था, जिसके बाद सजा पर फैसला सुनाया गया।
2014 की घटना, बदले की भावना बना कारण
यह मामला वर्ष 2014 का है। बताया गया कि जनक प्रसाद ने व्यापार में हुए नुकसान के लिए गौतम के पिता को जिम्मेदार माना और बदला लेने की ठान ली। इसी भावना के तहत उसने पहले गौतम से नजदीकी बढ़ाई। विश्वास जीतने के बाद 4 मई 2014 को वह उसे बस से नेतरहाट ले गया।
नींद की गोली देकर की हत्या
नेतरहाट पहुंचकर उसने कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोली मिलाकर गौतम को पिला दी। जब वह गहरी नींद में चला गया, तो गमछे से दबाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई। इस मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने कड़ी सजा सुनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

