
रांची: रांची में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को संत अन्ना स्कूल में सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. असीम कुमार मांझी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रीति चौधरी, स्कूल की प्रधानाध्यापिका सेलिन बाड़ा सहित कई शिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित थे। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत रांची जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 4,84,435 बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह दवा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी सेविकाओं की निगरानी में दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर तथा शारीरिक व मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। एल्बेंडाजोल दवा कृमि संक्रमण की रोकथाम और उपचार में प्रभावी है। साथ ही बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समुचित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दवा को बच्चों को चबाकर अथवा पूरी तरह मसलकर पानी के साथ दिया जा रहा है। हालांकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों और गर्भवती महिलाओं को यह दवा नहीं दी जाएगी।
इस दौरान सिविल सर्जन ने बच्चों को तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका असर व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों पर पड़ता है। साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने बताया कि जो बच्चे किसी कारणवश सोमवार को दवा लेने से वंचित रहेंगे, उन्हें 18 जून 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य बच्चों को कृमि संक्रमण से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य, पोषण, शैक्षणिक प्रदर्शन और समग्र विकास में सुधार लाना है।

