देवघर के बैद्यनाथ धाम में उमड़ी भक्तों की भीड़, शिव बारात में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी होंगे शामिल

News Aroma
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Mahashivratri : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देवघर के बैद्यनाथ धाम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। जैसे ही मंदिर के पट खुले, भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और वे भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए बेताब थे। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहाँ पहुंचे हैं। बैद्यनाथ धाम को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और भक्तों का मानना है कि यदि कोई इस दिन इस ज्योतिर्लिंग का स्पर्श करता है तो उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

श्रद्धालुओं ने की व्यवस्थाओं की सराहना

मंदिर में किए गए इंतजामों को लेकर भक्तों ने संतुष्टि व्यक्त की है। खासकर, जिला प्रशासन द्वारा किए गए व्यवस्थाओं की प्रशंसा की जा रही है। प्रशासन ने महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए सुरक्षा, यातायात और अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित किया है, जिससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस दौरान राज्य के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों से श्रद्धालु देवघर पहुंचे हैं, जिससे मंदिर परिसर में भीड़ और अधिक बढ़ गई है। हालांकि, प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व

मंदिर के पुजारी जयशंकर पंडा ने महाशिवरात्रि के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह दिन झारखंड के लिए विशेष होता है। पंडा के अनुसार, इस दिन राज्य के हर जिले से श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जो एक अत्यधिक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना मानी जाती है। इस दिन विशेष रूप से पूजा अर्चना करने से भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है।

शिव बारात में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का शामिल होना

शाम होते ही देवघर के के.के एन स्टेडियम से शिव बारात निकाली जाएगी, जो बैद्यनाथ धाम मंदिर तक पहुंचेगी। इस सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के कई गणमान्य लोग भी शामिल होंगे। खास बात यह है कि मध्य रात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह भी बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु नृत्य और संगीत के बीच भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगे और इस दिन को विशेष रूप से यादगार बनाएंगे।

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