नयी दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि सीमापुरी इलाके में इमारत ढहने की घटना में मरने वालों की संख्या चार है और मलबे से बरामद मानव अंगों और अवशेषों की पहचान डीएनए जांच के जरिए की जाएगी।

इससे पहले पुलिस ने कहा था कि बुधवार को चार मंजिला इमारत ढहने के बाद मलबे से पांच शव बरामद किए गए थे। हालांकि, अद्यतन जानकारी में कहा गया है कि चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मौके से बरामद मानव अंगों के बारे में अभी यह तय नहीं किया जा सकता है कि वे अलग-अलग पीड़ितों के हैं या नहीं।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान गुलफशा (21), हाज़ा बीबी (56), नुसरत (33) और लगभग तीन से चार साल के एक बच्चे के रूप में हुई है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है।
पुलिस सूत्र ने बताया कि नुसरत मकान मालिक की बेटी है, जो अब भी फरार है।
पुलिस ने कहा कि मलबे से शरीर के अंग और अवशेष भी बरामद किए गए हैं और उनकी पहचान डीएनए जांच के जरिए स्थापित की जाएगी। इस प्रक्रिया से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि अवशेष अलग-अलग पीड़ितों के हैं या चार मृतकों के ही हैं।
पुलिस ने बताया कि मलबे से निकाल कर आठ घायलों को ताहिरपुर के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
सीमापुरी में ईदगाह मछली मंडी के पास स्थित यह चार मंजिला इमारत बुधवार दोपहर ढह गई थी, जिससे कई लोग मलबे में दब गए थे।
दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के कर्मियों वाली बचाव टीमों को मौके पर तैनात किया गया था।
पुलिस द्वारा दी गई अद्यतन जानकारी के अनुसार, बचाव अभियान अब पूरा हो गया है, हालांकि मलबा हटाने और जांच का काम जारी है।
मालिक अनवर के खिलाफ सीमापुरी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं था। उसके परिवार के सदस्य इमारत के कुछ हिस्सों में रहते थे, जबकि अन्य लोग भी वहां रहते थे।
हादसे में जान गंवाने वालों में गुलफशा भी शामिल है, जो करीब चार महीने की गर्भवती थी।
पुलिस ने पहले कहा था कि पीड़ितों में 12 साल की एक लड़की और करीब डेढ़ साल का एक बच्चा भी शामिल है। हालांकि, पुलिस के ताजा बयान में एक मृत बच्चे की पहचान करीब तीन से चार साल के रूप में दी गई है और कहा गया है कि एक अन्य पीड़ित की पहचान होना अभी बाकी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित अनाधिकृत निर्माण की शिकायतों के बाद पड़ोसी संपत्ति में तोड़फोड़ का काम किया जा रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या तोड़फोड़ की कार्रवाई का इमारत ढहने से कोई संबंध था।
अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या मंगलवार शाम उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं। हादसा होने के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
हादसे के बाद एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को भी खाली करा लिया गया।
वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने बृहस्पतिवार को सीमापुरी इमारत हादसे को लेकर दिल्ली सरकार पर ‘‘असंवेदनशीलता’’ का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता या किसी मंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की।
आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में लगातार हादसे हो रहे हैं।’’
भारद्वाज ने कहा कि सीमापुरी इमारत हादसे में कई लोगों की जान चली गई, लेकिन न तो कोई मंत्री, न मुख्यमंत्री और न ही मेयर पीड़ितों से मिलने पहुंचे।
आप नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह दिखाता है कि इन लोगों के दिल में कोई संवेदना नहीं है, उनका दिल पत्थर का है। वे केवल डूसू चुनाव के कारण राजनीति करने सत्य निकेतन आए थे।’’
उन्होंने कहा कि अब चुनाव खत्म हो गए हैं तो उनकी सारी ‘‘संवेदनशीलता और शर्म’’ भी खत्म हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि सरकार घायलों और प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दे।’’


