
धनबाद: नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन बुधवार को धनबाद जिले में अधिकांश शराब दुकानें और बार बंद रहे, जिससे शराब उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानों के बंद रहने की मुख्य वजह लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं होना बताया गया।
सुबह होते ही उत्पाद विभाग के कार्यालय में लाइसेंसधारियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सभी अपने-अपने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए पहुंचे थे। विभाग द्वारा प्रक्रिया में तेजी लाने के बाद धीरे-धीरे कुछ दुकानों का संचालन शुरू हुआ, लेकिन शुरुआती घंटों में अधिकतर दुकानें बंद ही रहीं।
सहायक उत्पाद आयुक्त अजय गौड़ ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष के साथ लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही विभाग ने इस वर्ष राजस्व लक्ष्य में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि भी तय की है। पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने फरवरी तक 113 प्रतिशत राजस्व हासिल कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में लाइसेंस रिन्यूअल की प्रक्रिया के कारण ऐसी स्थिति बनती है। झारखंड में शराब दुकानों के संचालन, लाइसेंस जारी करने और राजस्व संग्रहण की जिम्मेदारी उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की होती है, जो इस पूरे तंत्र को नियंत्रित करता है।
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी और कई दुकानों ने कामकाज शुरू कर दिया। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी दुकानों का संचालन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।

