Direct vs Regular Mutual Fund Plan: क्या है फर्क और किसमें है ज्यादा फायदा? जानें सही निवेश विकल्प

डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड प्लान में मुख्य अंतर लागत और निवेश प्रक्रिया का होता है, जहां डायरेक्ट में ज्यादा रिटर्न की संभावना होती है जबकि रेगुलर में विशेषज्ञ की सलाह मिलती है।

Razi Ahmad
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Mutual Funds : म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय निवेशकों के सामने दो विकल्प होते हैं—डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान। दोनों ही योजनाओं में फंड और पोर्टफोलियो समान होते हैं, लेकिन फर्क सिर्फ निवेश के तरीके और लागत का होता है।

डायरेक्ट प्लान में निवेशक सीधे म्यूचुअल फंड कंपनी (AMC) से निवेश करते हैं, जिससे किसी बिचौलिये या एजेंट का कमीशन नहीं देना पड़ता। इसके चलते इसका एक्सपेंस रेशियो कम होता है और लंबे समय में निवेशकों को अधिक रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।

वहीं, रेगुलर प्लान में निवेश एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से किया जाता है। इसमें एजेंट को कमीशन दिया जाता है, जिससे एक्सपेंस रेशियो बढ़ जाता है और रिटर्न तुलनात्मक रूप से थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि, इसमें निवेशकों को एक्सपर्ट की सलाह और गाइडेंस भी मिलती है।

अगर आपको बाजार और निवेश की अच्छी समझ है और आप खुद रिसर्च कर सकते हैं, तो डायरेक्ट प्लान बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, शुरुआती निवेशकों या समय की कमी वाले लोगों के लिए रेगुलर प्लान अधिक सुविधाजनक माना जाता है।

कुल मिलाकर, दोनों ही विकल्प अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से सही हैं, और सही चुनाव आपकी समझ, अनुभव और निवेश लक्ष्य पर निर्भर करता है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।