रांची: धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (DIT) में अनुमति से अधिक छात्रों के नामांकन से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दायर अपील पर गुरुवार को सुनवाई हुई। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई जांच से जुड़े आगे के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद DIT में तय संख्या से ज्यादा छात्रों के नामांकन को लेकर है। अदालत में बताया गया कि AICTE ने 30 अप्रैल 2025 को संस्थान को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रों के एडमिशन की मंजूरी दी थी। इसके बाद 9 सितंबर 2025 को DIT को सिर्फ 60 छात्रों के नामांकन की अनुमति मिली थी। लेकिन इसके बावजूद संस्थान ने कुल 138 छात्रों का नामांकन कर लिया। इसी बात को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा।

सुनवाई में क्या कहा गया
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत मामले में पीई (प्रारंभिक जांच) दर्ज की जा चुकी है। वहीं राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने खंडपीठ को बताया कि संस्थान को सीमित संख्या में नामांकन की अनुमति थी, इसके बावजूद अधिक छात्रों को दाखिला दिया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
पहले भी हो चुकी है सुनवाई
कोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि इस मामले में कॉलेज की ओर से पहले हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर 12 और 13 जनवरी को सुनवाई हुई थी। 13 जनवरी को हाईकोर्ट ने मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) ने अपील दायर की है।
DIT की दलील
DIT ने हाईकोर्ट की एकल पीठ में याचिका दायर कर यह कहा था कि AICTE से मिली स्वीकृति के आधार पर ही छात्रों का नामांकन किया गया है। संस्थान का कहना है कि उसने किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं किया और सभी एडमिशन वैध प्रक्रिया के तहत किए गए हैं।
कोर्ट का रुख और आगे की सुनवाई
13 जनवरी को अदालत ने यह मानते हुए कि छात्रों का भविष्य दांव पर है, सीबीआई को जांच का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि यह जांच जरूरी है कि छात्रों को किस तरह से फंसाया गया और इसमें JUT व AICTE की क्या भूमिका रही। अब राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सीबीआई जांच से जुड़े अगले आदेश पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।





