झारखंड ही नहीं देश के बेहतरीन कार्डियोलॉजिस्ट में से एक हैं डॉ हेमंत नारायण राय

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Dayanand Roy

किसी शख्सियत का निरपेक्ष और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन तब और कठिन हो जाता है जब उनसे आपका गहरा लगाव भी हो। तब भी, एक दशक से अधिक समय से डॉ हेमंत नारायण राय से जुड़ाव और उनकी कार्यशैली से परिचित होने के बाद मैं यह कह सकता हूं कि रिम्स के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ हेमंत नारायण राय झारखंड ही नहीं देश के बेहतरीन कार्डियोलॉजिस्ट में से एक हैं। यह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उनके काम करने का ही नतीजा है कि रिम्स के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट को उन्होंने एक नयी ऊंचाई दी है। यह उनके नेतृत्व का ही कमाल है कि कभी छह बेड का रहा डिपार्टमेंट आज 100 बेड का है और इस डिपार्टमेंट को रिम्स के बेहतरीन डिपार्टमेंट में से एक माना जाता है।

क्या बनाता है डॉक्टर हेमंत को खास

डॉ हेमंत नारायण राय को खास उनका व्यवहार बनाता है। सादगी पसंद और मरीजों की सेवा में हर समय उपलब्ध रहनेवाले डॉक्टर हेमंत जरूरतमंदों की मदद से कभी पीछे नहीं हटते। किसी मरीज के पास पैसे नहीं हैं और उसे इलाज के साथ उपकरण की जरूरत हो तो उसे बिना पैसे के भी मरीज को उपलब्ध कराते मैंने देखा है। व्यक्तित्व में शालीनता और चेहरे पर मुस्कान भी उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है। अपने काम को लेकर जुनून भी डॉ हेमंत की खासियत है। कार्डियोलॉजी में लंबे अनुभव के बाद भी वे न सिर्फ खुद को अपडेट रखने के लिए रोज अपने विषय से संबंधित किताबें पढ़ते हैं बल्कि देश-दुनिया में हो रहे कांफ्रेंसेज में हिस्सा लेकर खुद को और अपनी विशेषज्ञता को भी निखारते रहते हैं। उन्हें कार्डियोलॉजी में अमेरिका से तीन सर्टिफिकेशन भी मिल चुके हैं।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम हैं आदर्श

डॉ हेमंत नारायण राय देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते हैं। डॉ हेमंत कहते हैं कि व्यक्तिगत रूप से आपकी उपलब्धियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों यदि उससे देश को फायदा न हो तो उसकी सार्थकता नहीं है। देश और समाज को किसी व्यक्ति ने क्या दिया है इसी से उसकी परख होनी चाहिए। समाज के वंचित तबके के उत्थान की जिम्मेदारी भी हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार लेनी चाहिए और इसके लिए काम करना चाहिए। बाकी डॉ हेमंत नारायण राय का सम्यक मूल्यांकन तो समय करेगा क्योंकि वह बिना लाग-लपेट के सबका मूल्यांकन करता है तो बाकी का काम मैं समय पर छोड़ता हूं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।