
नई दिल्ली: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ऊर्जा, व्यापार और रक्षा से जुड़ी उच्च स्तरीय वार्ताओं के लिए रविवार से पेरिस और बर्लिन की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा पश्चिम एशिया में जारी संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो वर्तमान में बदलते और जटिल होते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।
अपनी इस यात्रा के दौरान विक्रम मिसरी पेरिस और बर्लिन में उच्च स्तरीय वार्ताओं में हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार सहयोग और रक्षा साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को देखते हुए यह वार्ता कई नए अवसरों के द्वार खोल सकती है। फ्रांस और जर्मनी भारत के प्रमुख यूरोपीय साझेदार हैं, और ऐसे समय में यह यात्रा दोनों पक्षों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच यह दौरा भारत की संतुलित और सक्रिय विदेश नीति को भी दर्शाता है।

