दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली अंतरिम बेल

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने कहा, "अंतरिम राहत और नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई 4 सितंबर को होगी

News Aroma Media
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की अंतरिम जमानत पर कोई भी निर्देश देने से इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना (Sanjeev Khanna) और एस.वी.एन. भट्टी (SVN Bhatti) की पीठ ने कहा, “अंतरिम राहत और नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई 4 सितंबर को होगी।” कोर्ट ने मामले को स्थगित करते हुए आदेश दिया।

बीमार पत्नी से मिलने का आग्रह

सिसौदिया की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने शीर्ष अदालत से सिसोदिया को उनकी बीमार पत्नी से मिलने के लिए अंतरिम जमानत देने का आग्रह किया और कहा कि यह एक “मानवीय” और “वास्तविक” मुद्दा है।

उन्होंने सिसोदिया की पत्नी की स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट का हवाला भी दिया।

पत्नी पिछले 23 साल से बीमार

पीठ ने टिप्पणी की, ”दूसरा पक्ष कह रहा है कि पत्नी पिछले 23 साल से बीमार है। जब हम नियमित जमानत पर सुनवाई करेंगे तो हम इसे (पत्नी की चिकित्सीय स्थिति पर अंतरिम जमानत की याचिका) उठाएंगे। हम इसकी जांच करेंगे।”

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू (S.V. Raju) को जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया गया।

14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने एक नोटिस जारी किया था और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय के उन आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जांच एजेंसियों से जवाब मांगा था, जिसमें उन्हें CBI और ED मामलों में जमानत देने से इनकार कर दिया गया।

सिसोदिया ने की है 52.24 करोड़ की संपत्ति कुर्क

3 जुलाई को, दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) की एक खंडपीठ ने मनीष सिसोदिया को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि वह धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जमानत देने की दोहरी शर्तों और ट्रिपल टेस्ट को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

7 जुलाई को ED ने कहा कि उसने दिल्ली शराब नीति मामले के सिलसिले में मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी और कुछ अन्य आरोपी व्यक्तियों की 52.24 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

इस साल 26 फरवरी को CBI ने सिसौदिया को गिरफ्तार किया और फिर ED ने 9 मार्च को उन्हें गिरफ्तार किया।

Share This Article