रांची के ईशांक ने रचा इतिहास, पाल्क जलडमरूमध्य तैरकर बढ़ाया झारखंड का मान

सात साल के ईशांक सिंह ने पाल्क जलडमरूमध्य पार कर रचा इतिहास, रांची के इस नन्हे तैराक ने कठिन अभ्यास और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित किया।

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Jharkhand: झारखंड में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। खासकर खेल जगत में झारखंड के बच्चे लगातार परचम लहरा रहे है। झारखंड के महज 7 साल के लाल ने राज्य का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रौशन कर दिया है, नाम है ईशांक। ईशांक रांची का रहने वाला है और तीसरी कक्षा में पढ़ता है।

ईशांक ने पार किया पाल्‍क जलडमरूमध्य

बता दें सात वर्षीय ईशांक ने पाल्‍क जलडमरूमध्य को पार करने  में सबसे कम उम्र के तैराक बनने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।  उन्होंने श्रीलंका और भारत के बीच 29 किलोमीटर की दूरी को अपने आयु वर्ग के लिए रिकॉर्ड समय में पूरा किया। ईशांक की इस उपलब्धि पर झारखंड के सीएम सहेत तमाम बड़े नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं।

ईशांक ने तैराकी 9 घंटे 50 मिनट में पूरी की है

ईशांक सिंह ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से तमिलनाडु के धनुष्कोडी तक की तैराकी 9 घंटे 50 मिनट में पूरी की है। उनके इस उपलब्धि को यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई। बता दें कि ईशांक की यह उपलबधि एक दिन  की नहीं  है। रोजाना अभ्यास से ईशांक ने यह उपलब्धि हासिल की है।

धुर्वा डैम में रोजाना करता था प्रैक्टिस

मिली जानकारी के अनुसार पाल्क स्ट्रेट को सबसे तेज पार करने के लिए ईशांक रांची के धुर्वा डैम में रोजाना 4-5 घंटे प्रैक्टिस किया करते थे। ईशांक के कोच अमन कुमार जयसवाल और बजरंग कुमार ने उन्हें मार्गदर्शन दिया है। अपने कोच के मार्गदर्शन में ईशांक की मेहनत रंग लाई और उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। ईशांक की इस उपलब्धि ने ना सिर्फ रांची बल्कि देश का नाम विश्व स्तर पर किया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।