संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए राहुल से मिले रीजीजू, एफसीआरए विधेयक पर शाह के बोलने की संभावना

संसद में जारी गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार ने कांग्रेस से बातचीत की। किरेन रिजीजू ने राहुल गांधी से मुलाकात कर मानसून सत्र की कार्यवाही सुचारू चलाने पर चर्चा की।

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नई दिल्ली: संसद के दोनों सदनों में जारी गतिरोध खत्म करने के प्रयास के तहत सरकार ने बुधवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से संपर्क साधा और मानसून सत्र के शेष दिनों में कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सहयोग मांगा। मानसून सत्र की 20 जुलाई को शुरूआत होने के दिन से ही विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण संसद की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान आया है। कुछ राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद, संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर पिछले सत्र में पारित नहीं हो सके परिसीमन विधेयक और नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक को दोबारा पेश किया जा सकता है। हालांकि, सरकार के सूत्रों ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कदम उठाने की योजना नहीं है।

सूत्रों ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि 13 अगस्त को मानसून सत्र संपन्न होने से पहले इसी सत्र में परिसीमन विधेयक लाया जाएगा या नहीं। हालांकि, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए पेश किये जाने के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बोलने की संभावना है। विपक्ष सदन की कार्यवाही के दौरान शाह की अनुपस्थिति को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि संसद भवन परिसर में दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के दौरान संसद की कार्यवाही में बने गतिरोध को समाप्त करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब संसद के मानसून सत्र में अयोध्या स्थित राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी और छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दों को लेकर लगातार गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।

मानसून सत्र शुरू होने के बाद से लोकसभा में अब तक एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं हो सका है। हंगामे के बीच पांच विधेयक बिना चर्चा के पारित किए जा चुके हैं। विपक्षी दलों ने शुरुआत में नीट प्रश्नपत्र लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में, उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा की मांग की। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी तथा उनके बयान की भी मांग की। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान रीजीजू ने संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने के लिए राहुल गांधी से सहयोग मांगा। बुधवार को भी लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा की कार्यवाही आज पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने जब प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। वे अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग दोहरा रहे थे। बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘प्रश्नकाल महत्वपूर्ण होता है और इसमें सदस्यों को अवसर मिलना चाहिए। मेरा आग्रह है कि प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। प्रश्नकाल के बाद सभी मुद्दों पर आपसे चर्चा करुंगा।’’ उन्होंने आसन के पास आकर नारे लगा रहे और पोस्टर लहरा रहे सदस्यों से कहा, ‘‘सदन के अंदर या बाहर नारेबाजी लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। आप नियोजित तरीके से पोस्टरबाजी करके और प्रदर्शन करके सदन की गरिमा को गिराना चाहते हैं।’’

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।