मिली जानकारी के अनुसार, राज्यपाल ने सदर अस्पताल के वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. रवि राज से पहले ही अपॉइंटमेंट लिया था। गुरुवार दोपहर करीब 1:35 बजे अस्पताल पहुंचे राज्यपाल लगभग 45 मिनट तक वहां रहे।

इम्प्लांट सपोर्टेड ब्रिज लगाने की होगी प्रक्रिया
वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. रवि राज के मुताबिक, राज्यपाल को आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय सलाह दी गई है। उनके दांतों के उपचार के लिए इम्प्लांट सपोर्टेड ब्रिज लगाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके लिए उन्हें आगे भी अस्पताल आना पड़ सकता है।
कई वरिष्ठ अधिकारी भी करा चुके हैं इलाज
रांची सदर अस्पताल में राज्यपाल के अलावा राज्य के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इलाज करा चुके हैं। राज्यपाल इससे पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुजम्मिल से भी चिकित्सकीय परामर्श ले चुके हैं।
वहीं, राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी हाल ही में सदर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह यहां फिजियोथेरेपी करा चुके हैं। आईएएस अधिकारी अबु इमरान ने भी अपना और अपने परिवार का इलाज इसी अस्पताल में कराया है।
सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ना सकारात्मक संकेत
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि जब आम लोगों के साथ राज्यपाल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी सरकारी अस्पताल में इलाज कराते हैं, तो यह संस्थान के लिए गर्व की बात है। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करने में मदद मिलती है।
अस्पताल के वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. रवि राज ने भी कहा कि राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति का सरकारी अस्पताल में उपचार कराना सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास का संदेश देता है। उन्होंने इसका श्रेय अस्पताल की पूरी टीम को दिया।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अहम संदेश
रांची सदर अस्पताल में आधुनिक जांच और गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के यहां इलाज कराने से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका और उनकी सेवाओं पर भरोसे को लेकर सकारात्मक संदेश सामने आया है।


