झारखंड में पुलिस एनकाउंटर की 27 घटनाएं, 6 अपराधियों की मौत; कई जिलों में चलीं गोलियां

झारखंड में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। जनवरी 2025 से अब तक 27 मुठभेड़ों में छह अपराधी मारे गए हैं।

Razi Ahmad
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रांची: झारखंड में अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार चर्चा में है। जनवरी 2025 से 14 अक्टूबर 2026 तक राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच करीब 27 मुठभेड़ों की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में छह अपराधियों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। धनबाद, जमशेदपुर, रांची, पलामू, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा और जामताड़ा जैसे जिलों में पुलिस ने कुख्यात अपराधियों, शूटरों और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की।
इन मुठभेड़ों में कई आरोपी पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किए गए। कुछ मामलों में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नक्सली भी मारे गए। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं की परिस्थितियां और पुलिस कार्रवाई के कारण अलग-अलग रहे हैं।

धनबाद में सबसे अधिक मुठभेड़ों की चर्चा

धनबाद में गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस की कई कार्रवाइयां सामने आई हैं। 14 अक्टूबर 2026 को राम प्रताप हत्याकांड के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।

24 सितंबर 2026 को ईस्ट बसुरिया थाना क्षेत्र में फायरिंग की घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई में दो अपराधी घायल हुए थे। वहीं, 16 सितंबर को निरसा थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश निवासी शूटर सागर सिंह उर्फ शिबू पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ था।

17 अगस्त 2026 को निरंकारी चौक और कुरमडी चौक के बीच पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें इरफान आलम और नन्हे अंसारी को गोली लगी।

इसके अलावा, मार्च 2026 में भी धनबाद में कई मुठभेड़ों की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने रंगदारी और फायरिंग जैसी घटनाओं में शामिल संदिग्ध शूटरों के खिलाफ कार्रवाई की। अक्टूबर 2025 में प्रिंस खान के कथित शूटर भानू मांझी के घायल होने की घटना भी सामने आई थी।

जमशेदपुर में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई

जमशेदपुर में भी पुलिस और आरोपियों के बीच कई मुठभेड़ हुईं। 7 अक्टूबर 2026 को मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडिपी रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल को हथियार बरामदगी के लिए घटनास्थल पर पहुंचाया था। इसी दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों के पैरों में गोली लगी।

9 जुलाई 2026 को स्मृति पार्क क्षेत्र में राहुल हत्याकांड के आरोपी सब्बे को हथियार बरामदगी के लिए ले जाया गया था। पुलिस के अनुसार, उसने लोडेड हथियार से फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली लगी।

15 जून को सिदगोड़ा में चेन स्नैचिंग के आरोपी हरपाल सिंह उर्फ गबरू के साथ मुठभेड़ हुई थी। वहीं, 30 जनवरी 2026 को कैरव गांधी अपहरण कांड के आरोपियों गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के घायल होने की घटना भी सामने आई थी।

रांची में तीन मुठभेड़ों की घटनाएं

राजधानी रांची में भी पुलिस ने विभिन्न आपराधिक मामलों के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।

24 अप्रैल 2026 को जमीन कारोबारी की हत्या के मामले में फरार आरोपी सत्यम पाठक पुलिस की घेराबंदी तोड़कर भागने की कोशिश में गोली लगने के बाद गिरफ्तार हुआ।

18 जून को निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के आरोपी सैफ को पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान गोली लगी थी।

4 अक्टूबर 2026 को बीआईटी थाना क्षेत्र के चुट्टू गांव में पुलिस मुठभेड़ के दौरान चेन स्नेचिंग से जुड़े कोड़ा गैंग के आरोपी रंगीला के पैर में गोली लगी।

पलामू में गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई

पलामू जिले में भी पुलिस और अपराधियों के बीच कई मुठभेड़ हुईं। 3 अप्रैल 2026 को समीर खलीफा हत्याकांड के मुख्य आरोपी फैज खान को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

6 अगस्त 2026 को मेदिनीनगर के सदर थाना क्षेत्र में बजराहा-बैरिया के पास कोयल नदी किनारे हुई मुठभेड़ में कुख्यात सुमित चंद्रवंशी घायल हुआ था।

इससे पहले 11 मार्च 2025 को गैंगस्टर अमन साहू को रायपुर से झारखंड लाने के दौरान पलामू के पास पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उसने भागने की कोशिश की थी।

रामगढ़ में राहुल दुबे और प्रिंस खान गिरोह पर कार्रवाई

रामगढ़ जिले में भी अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कई कार्रवाइयां हुईं। 6 अप्रैल 2026 को भुरकुंडा में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के बीच मुठभेड़ में गिरोह का सदस्य सन्नी सिंह घायल हुआ था। उसे गिरफ्तार करने के साथ पुलिस ने दो देसी पिस्तौल, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किए।

6 जुलाई को भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के रिवर साइड स्थित सेंट्रल स्कूल के जर्जर भवन में हुई मुठभेड़ में प्रिंस खान गिरोह का कथित शूटर शिवराज राम उर्फ शिवा गंभीर रूप से घायल हुआ था।

वहीं, 11 जनवरी 2025 को हजारीबाग के झामुमो नेता संतोष सिंह हत्याकांड के आरोपी राहुल तुरी को रामगढ़ के कुज्जू में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया था।

हजारीबाग में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

हजारीबाग जिले में अपराधियों और नक्सलियों के खिलाफ कई अभियान चलाए गए। 22 अगस्त 2026 को गिद्दी थाना क्षेत्र के पास राहुल दुबे गिरोह के दो आरोपियों बादल कुमार और मोहित कुमार को गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

29 अगस्त को दनुआघाटी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक अफीम तस्कर घायल हुआ था। वहीं, जुलाई 2026 में बड़कागांव-हजारीबाग मुख्य मार्ग के आसपास पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें कथित शूटर सैयद मोहम्मद जीशान घायल हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

16 अप्रैल 2026 को हजारीबाग-चतरा सीमा पर खापिया वन क्षेत्र में झारखंड पुलिस और जगुआर (एसटीएफ) की संयुक्त कार्रवाई के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। इसमें 15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमेटी सदस्य सुभाष महतो उर्फ सहदेव महतो समेत चार नक्सली मारे गए।

चतरा और जामताड़ा में भी मुठभेड़

25 अगस्त 2026 को चतरा जिले के टंडवा-पिपरवार थाना क्षेत्र के बसरिया जंगल में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें गिरोह का कथित शूटर विकास कुमार पैर में गोली लगने से घायल हुआ था।

वहीं, 3 अगस्त 2026 को जामताड़ा में जेल से लाने के दौरान कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।

अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की कार्रवाई चर्चा में

झारखंड के विभिन्न जिलों में सामने आई इन घटनाओं से स्पष्ट है कि पुलिस गैंगस्टरों, शूटरों और संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। कई मामलों में आरोपी घायल होने के बाद गिरफ्तार किए गए, जबकि कुछ मुठभेड़ों में आरोपियों की मौत हुई।

हालांकि, मुठभेड़ की प्रत्येक घटना में कार्रवाई की परिस्थितियों, पुलिस के दावों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है। इन कार्रवाइयों का अपराध नियंत्रण पर वास्तविक प्रभाव संबंधित मामलों की जांच और आगे के कानूनी परिणामों से भी स्पष्ट होगा।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।