₹466 करोड़ से बदलेगी रिम्स की तस्वीर, 10 नए विभाग खुलेंगे; PG और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें बढ़ाने की तैयारी

रिम्स की गवर्निंग बॉडी की बैठक में 466 करोड़ रुपये से आधारभूत सुविधाओं के विकास, 10 नए विभागों की स्थापना और पीजी व सुपर स्पेशियलिटी सीटें बढ़ाने का फैसला हुआ है।

Razi Ahmad
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रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल रिम्स (RIMS), रांची को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी तेज हो गई है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित रिम्स की 66वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में संस्थान के विकास, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, मरीजों की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में रिम्स के भवनों, छात्रावासों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए करीब 466 करोड़ रुपये की योजना, 10 नए विभागों की स्थापना तथा नर्सिंग और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इसके अलावा, PG और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।

466 करोड़ रुपये से होगा आधारभूत सुविधाओं का विकास

रिम्स परिसर में भवनों, छात्रावासों, आवासीय सुविधाओं और अन्य बुनियादी संरचनाओं के विकास एवं नवीनीकरण पर करीब 466 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इसका उद्देश्य संस्थान की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना और मरीजों को अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज, सम्मान और संवेदनशील व्यवहार मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं पर समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया।

रिम्स में खुलेंगे 10 नए मेडिकल विभाग

चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए रिम्स में 10 नए विभाग स्थापित करने की पहल की गई है। इनमें शामिल हैं:

  1. मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
  2. एंडोक्राइनोलॉजी
  3. क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी
  4. क्लिनिकल हेमेटोलॉजी
  5. कार्डियक एनेस्थीसिया
  6. न्यूरो एनेस्थीसिया
  7. इमरजेंसी मेडिसिन
  8. मेडिकल जेनेटिक्स
  9. न्यूक्लियर मेडिसिन
  10. हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन

इन विभागों की स्थापना से जटिल बीमारियों के उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

PG की 256 और सुपर स्पेशियलिटी की 150 सीटों का लक्ष्य

रिम्स में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। वर्तमान में संस्थान में MBBS की 250 सीटें हैं। बैठक में PG की सीटें 176 से बढ़ाकर 256 और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 150 करने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही फैकल्टी के स्वीकृत पदों को निर्धारित मानकों के अनुरूप 319 से बढ़ाकर 335 करने की योजना है। PG और सीनियर रेजिडेंट विद्यार्थियों के लिए PPP मॉडल पर छात्रावास बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।

200 से अधिक वेंटिलेटर और आधुनिक जांच सुविधाओं पर जोर

गंभीर मरीजों और इमरजेंसी सेवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 200 से अधिक वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई पर जोर दिया गया। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड, इको और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाओं को बढ़ाने तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बेहतर करने के निर्देश दिए गए।

मरीजों की सुविधा के लिए आधुनिक बर्न वार्ड विकसित करने, लिफ्ट व्यवस्था दुरुस्त करने और जरूरतमंद परिवारों को मोक्ष वाहन उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

106 नए नर्स पद और 12 हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति

रिम्स में मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर 106 नए नर्स पद सृजित करने और 12 हॉस्पिटल मैनेजर नियुक्त करने की पहल की जाएगी। इससे मरीजों की देखभाल, अस्पताल के दैनिक संचालन और प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वहीं, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभुकों की सहायता के लिए 100 आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति का निर्देश दिया गया है। इसके लिए 15 दिनों के भीतर रिक्तियों का विज्ञापन जारी करने को कहा गया है।

सुरक्षा व्यवस्था में होगा बदलाव

रिम्स परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से होमगार्ड जवानों की संख्या कम कर एसएपी जवानों की तैनाती करने की योजना है। पहले चरण में 100 होमगार्ड जवानों को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इसके अलावा अस्पताल परिसर में पास व्यवस्था लागू करने और कर्मचारियों एवं श्रमिकों के लिए अलग-अलग पहचान पत्र जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों को सुरक्षा और अनुशासन से जुड़ी शिकायतों पर गंभीरता से काम करने को कहा गया है।

240 करोड़ रुपये के उपयोग का मांगा गया ब्योरा

बैठक के दौरान मंत्री ने रिम्स को पहले उपलब्ध कराई गई करीब 240 करोड़ रुपये की राशि के उपयोग की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक या तकनीकी स्वीकृति से जुड़ी बाधाओं को जल्द दूर किया जाए, ताकि इमरजेंसी सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से संबंधित योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके।

मंत्री ने उपलब्ध संसाधनों का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने और योजनाओं में अनावश्यक देरी से बचने पर जोर दिया।

स्थायी समितियों की संख्या पांच से बढ़ाकर 10 करने का प्रस्ताव

रिम्स के वित्तीय प्रबंधन, नियुक्ति, प्रोन्नति, शैक्षणिक गतिविधियों, खरीद प्रक्रिया, सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए स्थायी समितियों की संख्या पांच से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया।

वहीं, नॉन-टीचिंग पदों के पुनर्गठन के तहत स्वीकृत 1,962 पदों में से 100 पद कम कर कुल 1,862 पद रखने का प्रस्ताव है।

जामताड़ा में PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की पहल

रिम्स की बैठक से पहले जामताड़ा जिले में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए आशय पत्र (LOI) जारी किया गया। इस पहल से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ने और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की उम्मीद जताई गई है।

स्वास्थ्य मंत्री बोले—घोषणाओं के बजाय जमीन पर दिखे काम

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स में मरीजों की बढ़ती संख्या संस्थान पर लोगों के भरोसे को दर्शाती है। अब इस भरोसे को बेहतर सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण उपचार के माध्यम से मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्णयों पर समयबद्ध कार्रवाई करने और लंबित योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। मंत्री के अनुसार, लक्ष्य झारखंड के गरीब, जरूरतमंद और आम लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रस्तावित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से रिम्स में चिकित्सा सुविधाओं, मेडिकल शिक्षा और अस्पताल प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।