
पटना: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा सांसद के रूप में मनोनीत किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हुआ था और अब वे लगातार तीसरी बार राज्यसभा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। हरिवंश नारायण सिंह का यह राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल होगा। वे पहली बार अप्रैल 2014 में जेडीयू के टिकट पर बिहार से राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद 9 अगस्त 2018 को वे पहली बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए। फिर 14 सितंबर 2020 को उन्हें दोबारा इस पद की जिम्मेदारी मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले हरिवंश ने संसदीय कार्यों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई गांव में ही पूरी करने के बाद उन्होंने वाराणसी से इंटरमीडिएट किया और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से पत्रकार के तौर पर की थी। कुछ समय के लिए वे बैंक ऑफ इंडिया में भी रहे, जहां उन्होंने 1981 से 1984 तक काम किया। लेकिन जल्द ही उनका रुझान फिर पत्रकारिता की ओर हो गया और वे आनंद बाजार पत्रिका समूह की साप्ताहिक पत्रिका ‘रविवार’ में सहायक संपादक बने।
1990 के दशक में हरिवंश प्रभात खबर से जुड़े और यहां उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय तक काम किया। उनके संपादकीय नेतृत्व में इस अखबार ने बिहार और झारखंड में मजबूत पहचान बनाई। पत्रकारिता में उनकी निष्पक्ष और जनपक्षधर छवि ने उन्हें राजनीति में भी खास मुकाम दिलाया।

