हजारीबाग : शहर के वार्ड नंबर 34 स्थित साव मोहल्ला के पास एक पुराने तालाब की बदहाली से स्थानीय लोग परेशान हैं। नाले का गंदा पानी और कचरा तालाब में गिरने के कारण इसका पानी दूषित हो गया है। तालाब में जलकुंभी फैल चुकी है और आसपास झाड़ियां उग आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी घनी आबादी के लिए उपयोगी रहा यह तालाब अब गंदगी का केंद्र बन गया है। छठ महापर्व नजदीक आने के साथ ही तालाब की सफाई और दूषित पानी की निकासी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

नाले का पानी तालाब में गिरने से बढ़ी परेशानी
वार्ड पार्षद कैलाश नायक ने तालाब की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि नाले का गंदा पानी लगातार तालाब में मिल रहा है। इससे पानी का रंग काला पड़ गया है और आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि तालाब की नियमित सफाई और नाले की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार साव का कहना है कि वर्ष 1996 से ही इस क्षेत्र में गंदगी और जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। उनके अनुसार, अब तक नाले और सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। वहीं, बुजुर्ग जगेश्वर साव ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से सवाल उठाते हुए कहा कि तालाब की दुर्दशा दूर करने के लिए ठोस पहल नहीं हुई है।
जलजमाव से घरों तक पहुंचना मुश्किल
स्थानीय परिवारों ने बताया कि घरों के आसपास गंदा पानी और कीचड़ जमा रहने से रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। एक महिला ने बताया कि उनके परिवार को वर्षों से इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घर के पास उनकी पोती को सांप काटने की घटना भी हुई थी। स्थानीय युवती के अनुसार, जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल जाने और लोगों को आवाजाही करने में परेशानी होती है। आसपास सांप और अन्य कीड़े-मकोड़े निकलने का डर भी बना रहता है।
छठ से पहले सफाई और स्थायी समाधान की मांग
छठ महापर्व को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तालाब की सफाई और पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। उनका सवाल है कि दूषित पानी और गंदगी के बीच श्रद्धालु किस तरह पर्व से जुड़ी धार्मिक गतिविधियां कर सकेंगे। वार्ड पार्षद कैलाश नायक और मोहल्लेवासियों ने उपायुक्त, नगर आयुक्त तथा नगर निगम प्रशासन से तालाब का निरीक्षण कराने, नाले के गंदे पानी का बहाव रोकने, जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने और तालाब की सफाई कराने की मांग की है। लोगों ने समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी एक बार मोहल्ले में पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखें, ताकि वर्षों से चली आ रही परेशानी दूर हो सके।


