खुशखबरी! 30 हजार आउटसोर्स कर्मियों के वेतन का रास्ता साफ, दिवाली से पहले मिल सकता है 3 महीने का बकाया वेतन

झारखंड के 30 हजार आउटसोर्स कर्मियों के लिए राहत की खबर, जैप-आईटी ने 12 एजेंसियों का अनुबंध बढ़ाया। तीन महीने का बकाया वेतन दिवाली से पहले मिलने की उम्मीद।

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रांची: झारखंड के विभिन्न सरकारी विभागों और जिला व क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत लगभग 30 हजार आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले तीन महीने से लंबित वेतन के भुगतान का रास्ता अब साफ हो गया है और दीपावली से पहले इनके बकाया वेतन के भुगतान की उम्मीद जताई जा रही है।

झारखंड एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जैप-आईटी) ने मैनपावर रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत सूचीबद्ध 12 एजेंसियों के अनुबंध विस्तार का पत्र जारी कर दिया है। जैप-आईटी की सीईओ माधवी मिश्रा द्वारा 23 अक्टूबर को जारी इस आदेश में, संबंधित एजेंसियों को एक सप्ताह के भीतर पूर्व में जमा राशि के अनुरूप बैंक गारंटी जमा करने को कहा गया है। पत्र के अनुसार अनुबंध की अवधि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 तक करने की बात कही गई है, जिससे कर्मचारियों के तीन महीने के बकाया वेतन के भुगतान की बाधा दूर हो गई है।

इन 12 एजेंसियों को मिला अवधि विस्तार

जैप-आईटी द्वारा जिन 12 एजेंसियों के अनुबंध को बढ़ाया गया है, उनमें ब्लूम सिस्टम्स प्रा.लि., रेंडर सिक्योरिटी सर्विसेज, एवरग्रीन सर्विसेज, फ्रंटलाइन (एनसीआर) बिजनेस सॉल्यूशन प्रा.लि., एम-फोर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, शिवा प्रोटेक्शन फोर्स, अप्टेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, बालाजी डिटेक्टिव फोर्स, राजप्रताप कंसल्टेंसी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, बिरसा सिक्योरिटी एंड सर्विस सेटलमेंट, फ्रंटलाइन एक्स-सर्विसेमन ब्यूरो, कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स शामिल है।

जैप-आईटी के पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनुबंध विस्तार को एजेंसियों के खिलाफ लंबित शिकायतों और जांचों में राहत नहीं माना जाएगा। यदि जांच में कोई एजेंसी दोषी पाई जाती है तो उसका अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। यह अनुबंध विस्तार पूर्व में निष्पादित एकरारनामा की शर्तों के अनुरूप ही लागू रहेगा। गौरतलब है कि जैप-आईटी के माध्यम से सूचीबद्ध इन एजेंसियों के साथ पूर्ववर्ती अनुबंध जुलाई 2026 में ही समाप्त हो गया था, जिसके बाद से अनुबंध विस्तार और नई संविदा की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।