रांची: देशभर में वीआईपी ठिकानों और प्रमुख हवाई अड्डों को बम से उड़ाने की धमकियों के बीच रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि, एयरपोर्ट के बाहरी परिसर में अवैध पार्किंग की समस्या सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बनी हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयरपोर्ट प्रबंधन ने अवैध रूप से पार्क किए गए 95 वाहनों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी थी। इसके बाद एयरपोर्ट से हिनू तक के मार्ग को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद सड़क किनारे वाहनों का जमावड़ा जारी रहने की बात सामने आई है।

धमकियों का पुराना इतिहास, सुरक्षा पर सवाल
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच रांची एयरपोर्ट को बम की धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आई थीं। दिसंबर 2023 में एयरपोर्ट को अतिसंवेदनशील श्रेणी में भी रखा गया था। हालिया धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
अवैध पार्किंग से सुरक्षा जोखिम
एयरपोर्ट की बाहरी चहारदीवारी, स्टेट हैंगर और मौसम केंद्र जैसे संवेदनशील स्थानों के आसपास वाहनों की पार्किंग सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे में प्रतिबंधित क्षेत्र में पार्किंग रोकने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की जरूरत है।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी
एयरपोर्ट परिसर की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के पास है, जबकि बाहरी क्षेत्र में जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है। धमकियों के मौजूदा माहौल में सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी आवश्यक है।


