
नई दिल्ली: देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक HDFC अचानक सुर्खियों में आ गया है। वजह है बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का इस्तीफ़ा। उन्होंने इस्तीफ़े में बैंक के कामकाज पर सवाल उठाए हैं, जिससे शेयर बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। HDFC बैंक के शेयर 52 हफ़्ते के निचले स्तर पर हैं। अतनु चक्रवर्ती, गुजरात कैडर के IAS अफ़सर रहे हैं और वित्त मंत्रालय से रिटायर होने के बाद 2021 में HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन बने थे। उनका दूसरा टर्म चल रहा था, जो अगले साल पूरा होना था। लेकिन उन्होंने अचानक इस्तीफ़ा दे दिया। इस्तीफ़े में उन्होंने लिखा कि बैंक के कामकाज के तरीके उनकी नैतिकता और मूल्यों से मेल नहीं खाते।
HDFC की कहानी
HDFC की स्थापना 1977 में एचटी पारेख ने की थी। मकसद था लोगों को होम लोन उपलब्ध कराना। शुरूआत में ICICI और अन्य संस्थाओं ने भी इसमें निवेश किया। 1991 में अर्थव्यवस्था खुलने के बाद प्राइवेट बैंकों को नई राह मिली। HDFC बैंक की स्थापना 1994 में हुई। समय के साथ HDFC बैंक अपनी प्रमोटर कंपनी HDFC से भी बड़ी बन गई। 2023 में दोनों का विलय हुआ। अब बैंक प्रोफेशनल्स द्वारा संचालित है और कोई प्रमोटर नहीं है।
बैंक में कार्रवाई
शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद बैंक ने ब्रांच बैंकिंग ग्रुप हेड समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को हटा दिया। आरोप था कि दुबई और बहरीन की शाखाओं में NRI ग्राहकों को AT1 बॉन्ड FD जैसी सुरक्षा का भरोसा दिलाकर बेचा गया था। Credit Suisse के दिवालिया होने से इन बॉन्ड्स की वैल्यू जीरो हो गई, जिससे ग्राहकों को नुकसान हुआ। साल भर से इस मामले की जांच चल रही थी और अब कार्रवाई हुई।
RBI की भूमिका
RBI ने HDFC बैंक को “स्पेशल कैटेगरी” में रखा है। यानी बैंक इतना बड़ा है कि अगर इसमें कुछ गड़बड़ी हुई तो पूरे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। RBI ने कहा कि बैंक सुरक्षित है, लेकिन शेयर बाजार का मूड ठीक नहीं है। निवेशकों को भरोसा नहीं हो रहा कि बैंक के अंदर सब सही है।
बैंक के आंकड़े बताते हैं सुरक्षा
HDFC बैंक हर साल ₹60-70 हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा कमा रहा है। Capital Adequacy Ratio 20% है, जबकि RBI का मानक 12% है। इसका मतलब, अगर किसी लोन में डिफ़ॉल्ट हुआ तो बैंक के पास हर ₹100 के लोन पर ₹20 का बफर है। ये पैसा बैंक का खुद का है, ग्राहकों का नहीं। हालांकि, शेयर पिछले पांच साल के औसत से सस्ते मिल रहे हैं। मुनाफ़े का अनुपात पहले 25-27 गुना था, अब 17-18 गुना रह गया है। निवेशक चेयरमैन के इस्तीफ़े में उठाए सवालों के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं।

