रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार सुबह 9 बजे अपनी मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को लेकर रांची से अपने पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) के लिए रवाना हो गए। यहां दोपहर 12 बजे पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं
मां के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेहद दुखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपना दर्द साझा किया। उन्होंने लिखा, “बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं। आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं।” मुख्यमंत्री के लिए यह समय बेहद मुश्किल है। पिता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद अब मां का आंचल भी उनके सिर से उठ गया है।
नेमरा में उमड़ेगा जनसैलाब
रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार को लेकर रामगढ़ जिला प्रशासन ने नेमरा में तैयारियां पूरी कर ली हैं। दोपहर 12 बजे होने वाले अंतिम संस्कार को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिवंगत रूपी सोरेन को अंतिम विदाई देने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सांत्वना देने के लिए राज्य सरकार के मंत्री, पक्ष-विपक्ष के विधायक, अधिकारी और हजारों झामुमो कार्यकर्ताओं के नेमरा पहुंचने की उम्मीद है। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचना शुरू हो जाएंगे।


