नई दिल्ली : उर्वरक क्षेत्र की अग्रणी सहकारी संस्था इफको ने वर्ष 2026 के साहित्य सम्मानों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘इफको साहित्य सम्मान’ वरिष्ठ कथाकार डॉ. ऋता शुक्ल को तथा ‘इफको युवा साहित्य सम्मान’ चर्चित उपन्यास ‘पुण्यपथ’ के लिए युवा लेखक सर्वेश तिवारी को प्रदान किया जाएगा। चयन समिति के अध्यक्ष प्रो. श्रीभगवान सिंह ने बताया कि दोनों नामों का चयन सर्वसम्मति से किया गया है। चयन समिति में वरिष्ठ साहित्यकार देवेंद्र कुमार बहल, कवि प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव, लेखक-आलोचक अनंत विजय, कथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ और सदस्य सचिव डॉ. नलिन विकास शामिल थे।

इफको की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. ऋता शुक्ल को प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति-पत्र के साथ 11 लाख रुपये की सम्मान राशि तथा सर्वेश तिवारी को प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति-पत्र के साथ ढाई लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। सम्मान समारोह 30 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा। डॉ. ऋता शुक्ल का जन्म 14 नवंबर 1949 को डेहरी ऑन सोन, बिहार में हुआ था। उनके अब तक 10 उपन्यास और 11 कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। ‘समाधान’, ‘बांधो न नाव इस ठांव’, ‘अरुंधती’ और ‘अग्निपर्व’ उनके चर्चित उपन्यास हैं। मानवीय त्रासदी की सूक्ष्म अभिव्यक्ति उनके लेखन की पहचान है।
वहीं गोपालगंज, बिहार के मूल निवासी सर्वेश तिवारी पेशे से शिक्षक हैं और मंचीय कविता व ब्लॉगिंग में चर्चित नाम हैं। उनकी पुस्तकें ‘परत’, ‘पुण्यपथ’ और ‘पूर्णाहुति’ बेस्टसेलर रही हैं। उनका सम्मानित उपन्यास ‘पुण्यपथ’ पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए एक हिंदू परिवार के संघर्ष की कथा है, जिसके बहाने लेखक ने विभाजन की त्रासदी और पाकिस्तान में बचे हिंदुओं की दशा को रेखांकित किया है। गौरतलब है कि इफको द्वारा 2011 में शुरू किया गया यह सम्मान प्रतिवर्ष ग्रामीण व कृषि जीवन पर लिखने वाले हिन्दी लेखक को दिया जाता है। अब तक यह सम्मान विद्या सागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव, मिथिलेश्वर, मैत्रेयी पुष्पा सहित कई दिग्गजों को मिल चुका है।


