
नयी दिल्ली : घरेलू कंपनियों ने बीते वित्त वर्ष 2025-26 में 360 से अधिक आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये जुटाए। इसके साथ ही भारत दुनिया के सबसे सक्रिय प्राथमिक बाजारों में शामिल रहा।
हालांकि, सूचीबद्ध होने के बाद मिलने वाले लाभ और शेयरों की संख्या के मुकाबले अधिकतम बोलियों में कमी से संकेत मिलता है कि निवेशक अब कंपनियों का चयन अधिक सावधानी से कर रहे हैं।

