
नयी दिल्ली: भारत बजटीय सहायता के जरिये जोखिम भरे अपतटीय तेल और गैस खोज का वित्तपोषण करने वाले दुनिया के पहले बड़े कार्यक्रमों में से एक की शुरुआत करने जा रहा है।
सरकार का यह कदम देश के विशाल अप्रयुक्त गहरे जल भंडारों के माध्यम से आयातित कच्चे तेल और गैस पर बढ़ती निर्भरता को कम करने की एक कोशिश है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह 84,084 करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना’ को मंजूरी दी। इसके तहत सरकार गहरे समुद्र और अत्यधिक गहरे जल में अन्वेषण कुएं की खुदाई की आधी लागत या 650 करोड़ रुपये (जो भी कम हो) का प्रत्यक्ष रूप से वित्तपोषण करेगी।

