इंदौर: मध्यप्रदेश सरकार इंदौर के पूर्व होलकर राजवंश की शासक देवी अहिल्याबाई होलकर की जीवनगाथा को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए शहर में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से स्मारक विकसित कर रही है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शहर के लालबाग पैलेस के पास निर्माणाधीन स्मारक के कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने लालबाग पैलेस, रामपुर कोठी, चंपा बावड़ी और शिव मंदिर को स्मारक की एकीकृत विकास योजना में शामिल करने के निर्देश दिए ताकि पर्यटक इन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों से एक साथ रू-ब-रू हो सकें।
स्मारक के वास्तुविद हिमांशु दुधवड़कर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि परियोजना के भवन का करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे वर्ष 2028 के दौरान उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दुधवड़कर के अनुसार स्मारक को आधुनिक दृश्य-श्रव्य तकनीकों की मदद से इस तरह विकसित किया जा रहा है कि लोग देवी अहिल्याबाई होलकर की जीवनगाथा को करीब से समझ सकेंगे।
सुशासन और न्यायप्रियता के लिए मशहूर देवी अहिल्याबाई होलकर (1725-1795) ने 1767 से 1795 तक इंदौर रियासत पर शासन किया था। उन्होंने कृषि, व्यापार और बुनाई उद्योग को बढ़ावा दिया था और देश भर के प्रमुख तीर्थों पर मंदिरों, घाटों व धर्मशालाओं का निर्माण कराया था।
इस बीच, मुख्यमंत्री यादव ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय के परिसर में कैंसर और अन्य रोगों की जांच के लिए एक अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन किया।
वह नवरात्र के अवसर पर शहर के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की निकाली गई ‘चुनरी यात्रा’ में भी शामिल हुए।


