
नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति और विश्व के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक थे। उनका जन्म 18 जुलाई 1918 को दक्षिण अफ्रीका के म्वेज़ो में हुआ था। उन्होंने रंगभेद जैसी भेदभावपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष करते हुए लाखों लोगों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। उनके प्रयासों ने दक्षिण अफ्रीका को बहु-नस्लीय लोकतंत्र की ओर बढ़ने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।
समानता और न्याय के लिए संघर्ष
मंडेला ने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया। उन्होंने अश्वेत समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और भेदभाव के खिलाफ मजबूत आंदोलन खड़ा किया। उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस का इतिहास
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नवंबर 2009 में 18 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस घोषित किया। इसका पहला आधिकारिक आयोजन 18 जुलाई 2010 को मंडेला के 92वें जन्मदिन पर किया गया। इस दिवस का उद्देश्य समाज सेवा, मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
‘67 मिनट की सेवा’ का महत्व
इस दिवस की सबसे खास पहल ‘67 मिनट की सेवा’ है। यह मंडेला के 67 वर्षों के सामाजिक और सार्वजनिक योगदान को समर्पित है। इस दौरान लोगों को कम से कम 67 मिनट समाज और जरूरतमंदों की सेवा में लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि दुनिया को बेहतर और अधिक मानवीय बनाया जा सके।
अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस 2026: मानवता, समानता और सेवा का प्रेरक संदेश
हर वर्ष 18 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया को समानता, न्याय, मानवाधिकार और निस्वार्थ सेवा का संदेश देने वाले महान नेता नेल्सन मंडेला को समर्पित है।

