ब्रिटेन में पाए गए अल्फा से 60 फीसदी अधिक संक्रामक है डेल्टा वेरिएंट, टीकों को भी कर देता है निष्प्रभावी: विशेषज्ञ

Digital News
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

लंदन: ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे पहले भारत में पाए गए कोरोना के डेल्टा वेरिएंट या बी1.617.2, ब्रिटेन में पाए गए अल्फा स्वरूप से लगभग 60 प्रतिशत अधिक संक्रामक है।

यह टीकों के प्रभाव को भी कुछ हद तक कम कर देता है। साप्ताहिक आधार पर डेल्टा वैरिएंट का पता लगा रहे पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने कहा कि देश में इसके मामले 29,892 की वृद्धि के साथ 42,323 तक पहुंच गए हैं।

हाल के दिनों में इसमें लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

ताजा आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में फिलहाल कोविड-19 के 90 प्रतिशत से नए मामले डेल्टा वेरिएंट के हैं, जिनकी वृद्धि दर इंग्लैंड के केंट क्षेत्र में पहली बार पहचाने गए अल्फा वीओसी की तुलना में काफी ऊंची देखी जा रही है।

साथ ही यह वेरिएंट अब तक देश में प्रभुत्व जमाए हुए है।

पीएचई ने अपने ताजा विश्लेषण में कहा पीएचई के नए अध्ययन बताते हैं कि डेल्टा वेरिएंट अल्फा वेरिएंट की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक संक्रामक है।

सभी क्षेत्रों में डेल्टा के मामलों की वृद्धि दर ऊंची है। स्थानीय आकलन के अनुसार इनकी संख्या 4.5 से 11.5 दिन के बीच दोगुनी हो जाती है।

Share This Article