ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के लिए ईरान जिम्मेदार

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दुबई: इजराइल के प्रधानमंत्री ने ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के लिए रविवार को प्रत्यक्ष तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, ईरान ने इस हमले से इनकार किया है। इस हमले में चालक दल के दो सदस्य मारे गये थे।

इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खातिबजादेह ने बृहस्पतिवार रात तेल टैंकर मर्सर स्ट्रीट पर हुए हमले के बाद यह टिप्पणी की है।

इस क्षेत्र में वाणज्यिक जहाजों पर हमलों में विराम के कुछ वर्षों बाद यह पहला घातक हमला है। इसे परमाणु समझौते को लेकर ईरान के साथ तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

हालांकि, ईरान और उसके मिलिशिया सहयोगियों ने पूर्व में ऐसे तथाकथित आत्मघाती ड्रोन हमले किए हैं। खातिबजाहेद ने आरोपों को निराधार बताया।

उन्होंने कहा, ऐसे आरोप-प्रत्यारोप नए नहीं हैं। इस हमले के लिए वे लोग जिम्मेदार हैं जिन्होंने इस क्षेत्र में इजराइली शासन को अपने पैर जमाने दिए।

इसमें कुछ नया नहीं है कि अमेरिका में जानी पहचानी ईरान विरोधी लॉबी इस्लामिक देश के खिलाफ आरोप लगाने के किसी भी अवसर का इस्तेमाल करती है।

यरुशलम में बेनेट ने एक साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में इस हमले के लिए प्रत्यक्ष तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

अमेरिका का परमाणु ऊर्जा चालित विमानवाहक जहाज यूएसएस रोनाल्ड रीगन और गाइडेड मिसाइल विध्वंसक यूएसएस मित्स्चर, मर्सर स्ट्रीट को सुरक्षित बंदरगाह तक लेकर गये। अमेरिकी नौसेना ने शनिवार को यह जानकारी दी थी।

उसने कहा कि नौसेना के विस्फोटक विशेषज्ञों का मानना है कि एक ड्रोन ने जहाज पर हमला किया। अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि हमले की जांच चल रही है।

मर्सर स्ट्रीट का प्रबंधन लंदन की जोडियाक मैरीटाइम कंपनी करती है और यह इजराइली अरबपति इयाल ओफेर के जोडियाक समूह का हिस्सा है।

कंपनी ने कहा कि हमले में उसके चालक दल के दो सदस्यों की मौत हो गयी। एक सदस्य ब्रिटेन तथा दूसरा रोमानिया का था। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि हमले में क्या हुआ।

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