

रांची : राजधानी के अरगोड़ा चौक पर सब्जी बेचते अमरदीप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खास बात यह है कि अमरदीप कोई आम दुकानदार नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय थ्रोबॉल खिलाड़ी हैं, जो भारत और झारखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
अमरदीप ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए चार स्वर्ण पदक जीते हैं। 10वीं कक्षा के बाद उन्होंने थ्रोबॉल खेलना शुरू किया और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से उनके खेल करियर की शुरुआत हुई।
लेकिन खेल में उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। परिवार की जिम्मेदारियों के चलते आज उन्हें अपने पिता की सब्जी दुकान पर काम करना पड़ रहा है।
अमरदीप का कहना है कि उन्होंने रोजगार के लिए खेल कोटे के तहत कई बार आवेदन किया, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिल पाया है।
उनकी यह तस्वीर एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के खेल करियर के बाद उनके रोजगार और भविष्य की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त व्यवस्था है?





