

रांची: रिम्स रांची में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, आपातकालीन प्रशिक्षण देने तथा शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। हाल ही में संस्थान में CSSD एवं लॉन्ड्री सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा वेतन भुगतान में विलंब के कारण आंशिक रूप से कार्य बहिष्कार किया गया था।





इस मामले पर RIMS निदेशक एवं चिकित्सा अधीक्षक ने तुरंत संज्ञान लिया और अकाउंट सेक्शन को लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। प्रबंधन के त्वरित हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया। वर्तमान में यह सेवाएं MEDILAB एजेंसी द्वारा संचालित की जा रही हैं, लेकिन भविष्य में गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जो जल्द ही End-to-End सेवाएं प्रदान करेगी।
चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक क्षेत्र में निरंतर सक्रियता बनाए रखते हुए RIMS की टीम द्वारा विदेश यात्रा के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो, विधायक मथुरा प्रसाद महतो, दशरथ गागराई और OSD विवेक कुमार मेहता का सफलतापूर्वक येलो फीवर टीकाकरण किया गया। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अपर प्राध्यापक सह नोडल ऑफिसर डॉ. मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में यह टीकाकरण निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत संपन्न हुआ।
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुसार संक्रमित देशों की यात्रा से पूर्व यह टीका लगवाना बेहद अनिवार्य होता है और RIMS में यह सुविधा तथा आवश्यक परामर्श निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए RIMS में इस वर्ष MBBS की सीटें बढ़ाकर 250 कर दी गई हैं, जिन पर नामांकन की प्रक्रिया तेजी से जारी है। कुल सीटों में राज्य कोटे की 208, केंद्रीय कोटे की 37 और 05 सीटें Central Nominee के लिए आरक्षित हैं। JCECE Board के माध्यम से राज्य कोटे में आवंटित सामान्य वर्ग के लगभग 100 विद्यार्थियों का नामांकन पूरा हो चुका है। प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अलग-अलग शेड्यूल जारी किए गए हैं, जो संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
इसके अतिरिक्त, RIMS के एनेस्थीसिया विभाग ने MEU स्किल लैब के सहयोग से बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर Life Support (ACLS) पर एक विशाल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें 300 से अधिक स्नातकोत्तर रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और डेंटल फैकल्टी को आपातकालीन पुनर्जीवन तकनीक का व्यावहारिक और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया।
NMC और NDC के मानकों के अनुरूप आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम बनाना है। RIMS प्रबंधन रोगियों की बेहतर देखभाल और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
