
नई दिल्ली : ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि गुरुवार तड़के आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने ‘हमलावर को दंड देते हुए और अमेरिकी सेना की उकसावे की कार्रवाई का जवाब’ दिया है। इसमें अली अल सलेम (कुवैत), अहमद अल जाबेर (कुवैत) और शेख़ ईसा एयर बेस (बहरीन) पर मौजूद अमेरिका के 18 अहम सैन्य ठिकानों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया। ईरान की इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन कुवैत आर्मी के जनरल स्टाफ ने घोषणा की है कि एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हवाई टारगेट को इंटरसेप्ट कर रहे हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में कुवैत आर्मी ने कहा, “सभी लोगों से आग्रह है कि वे संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी किए सुरक्षा निर्देशों और गाइडलाइन का पालन करें।” कुवैत की सेना ने लोगों से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें। इधर, कुवैत ने ईरानी हमलों के कारण अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

