रांची: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को ‘हाईली स्किल्ड’ (अत्यंत कुशल) श्रेणी में शामिल करने और वेतन भेदभाव दूर करने की मांग को लेकर झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर आउटसोर्सिंग कर्मियों के प्रति हो रहे असमान व्यवहार पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

अजय राय ने स्पष्ट किया कि JBVNL के विभिन्न विभागों जैसे फाइनेंस, कमर्शियल, प्रोजेक्ट, एचआर और टेक्निकल विंग में तैनात ऑपरेटर केवल सामान्य डाटा एंट्री का काम नहीं कर रहे हैं। वे SAP ERP, एडवांस्ड एक्सेल, राजस्व रिकॉर्ड, टेंडर दस्तावेज और एमआईएस (MIS) रिपोर्ट तैयार करने जैसे उच्च स्तरीय और जटिल तकनीकी कार्य संभाल रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें ‘स्किल्ड’ श्रेणी में रखकर कम वेतन दिया जा रहा है, जो उनके कार्य और योग्यता के अनुरूप नहीं है।
संघ ने इस बात पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है कि निगम में समान काम, समान जिम्मेदारी और समान योग्यता होने के बावजूद पेरोल पर तैनात कर्मियों और आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतन में भारी अंतर है। अजय राय ने सवाल उठाया कि केवल नियोजन के माध्यम को आधार बनाकर कर्मचारियों के पारिश्रमिक में इतना बड़ा अंतर रखना कहां का न्याय है?
अपने ज्ञापन में संघ ने ‘कोड ऑन वेज (झारखंड) रूल्स, 2021’ और सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय स्टेट ऑफ पंजाब बनाम जगजीत सिंह (समान काम के लिए समान वेतन) सहित विभिन्न न्यायिक फैसलों का हवाला दिया है। संघ की मुख्य मांगों में ऑपरेटरों को तुरंत ‘हाईली स्किल्ड’ श्रेणी में वर्गीकृत करना, निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करना, वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए तुलनात्मक मूल्यांकन करना तथा बकाए का भुगतान शामिल है। अजय राय ने प्रबंधन से टालमटोल की नीति छोड़कर इस विषय पर एक समयबद्ध, स्पष्ट आदेश जारी करने और संघ प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता आयोजित करने की अपील की है।


