झारखंड

किसानों की देखने और सुनने वाला कोई नहीं : राजेश ठाकुर

फिर भी उसे कोई देखने और सुनने वाला नहीं है

रांची: प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर (Rajesh Thakur) ने राजस्थान में हो रहे नव संकल्प शिविर में किसानों के मुद्दों पर चर्चा के दौरान कहा कि इस देश में किसानों की सबसे बड़ी आबादी है। फिर भी उसे कोई देखने और सुनने वाला नहीं है।

उन्होंने शनिवार को कहा कि विशेषकर छोटे और मंझोले किसानों को। कृषि एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें सबसे ज्यादा लोग रोजगार के लिए निर्भर हैं।

61.5 प्रतिशत ग्रामीण परिवार खेती पर अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। देश में 85 प्रतिशत किसान तो छोटे सीमांत किसान की श्रेणी में आते हैं। ये लोग तो बुनियादी जरूरत को भी पूरा नही कर पाते।

किसानों की हालत अच्छी नहीं कही जा सकती

उन्होंने कहा कि कृषि में उत्पादकता बड़ी समस्या है। हमारे देश में कृषि को उत्पादकता कम है ।ज्यादा लोग खेती करते हैं।

प्रोडक्टिविटी कम है तो खेती में लगे लोगों की आमदनी भी स्वाभाविक रूप से कम है। दूसरी ओर इंडस्ट्री में कम लोग लगे हैं।

तुलनात्मक रूप से इंडस्ट्री की उत्पादकता ज्यादा है तो उनकी औसत आय किसान से ज्यादा है। इसलिए हमें छोटे किसानों को मदद करने की ज़रूरत है।

उन्हें बिजली में भी सब्सिडी दिये जाने की ज़रूरत है। अपने राज्य झारखंड में 3,90,090 किसानों का 50 हजार तक का कर्ज़ माफ़ किया है। फिर भी किसानों की हालत अच्छी नहीं कही जा सकती ।