रांची: झारखंड में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग को बढ़ावा देने और चार्जिंग की सुविधा देने के लिए राज्य में करीब 1000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। यह पहल झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (जरेडा) पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत कर रही है, जिसके तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से इलेक्ट्रिक कार, दोपहिया और तीन पहिया वाहन चालकों को काफी सहूलियत मिलेगी। इस योजना के तहत पीपीपी मोड पर ईवी चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा, जिनका संचालन निजी क्षेत्र की कंपनियां या व्यक्ति करेंगे और जरेडा इसमें पूरी सहायता देगा। केंद्र सरकार की ओर से 16 दिसंबर 2025 को लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, झारखंड में पिछले पांच वर्षों में 353 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित हुए हैं, जिनमें 129 फास्ट चार्जर शामिल थे।

योजना के प्रमुख लाभ
चार्जिंग सुविधा दूर होने से लोगों में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल बढ़ने से परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। चार्जिंग स्टेशन लगाने, उनका संचालन करने और रखरखाव के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यदि राजमार्गों और शहरों को जोड़ने वाले मार्गों पर पर्याप्त स्टेशन बनाए जाते हैं, तो इलेक्ट्रिक वाहन से लंबी दूरी की यात्रा बेहद सुगम हो जाएगी।
वर्तमान में झारखंड में 90 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें 56 से 60 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का है, जबकि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर का 35 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर का हिस्सा सबसे कम है। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत राज्य में लगभग 1000 नए चार्जिंग स्टेशन बनने से चार्जिंग नेटवर्क का दायरा बड़े पैमाने पर बढ़ जाएगा। केंद्रीय सार्वजनिक उद्यम विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जमीन व बिजली संबंधी बुनियादी ढांचे हेतु सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है।


