
रांची : सोमवार से झारखंड विधानसभा का बजट सत्र जारी है। इस दौरान चतुर्थ श्रेणी (समूह-घ) के कर्मचारियों को अर्हता के आधार पर बिना परीक्षा के लिपिक पद पर नियुक्त करने का मुद्दा उठाया गया। इस पर सरकार ने कहा कि इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
विधायक रामचंद्र सिंह के सवाल पर राज्य सरकार की ओर से यह जवाब दिया गया। वहीं अन्य मुद्दों को विधायक सीपी सिंह और नवीन जायसवाल ने सदन में उठाया।
बताया गया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर देने और सेवा नियमों में संभावित बदलाव की मांग को लेकर यह सवाल उठाया गया।
सरकार ने बताया कि फिलहाल सचिवालय व क्षेत्रीय कार्यालयों के लिपिकीय संवर्ग में 85 प्रतिशत पदों पर सीधी नियुक्ति और 15 प्रतिशत पदों पर समूह-घ कर्मियों से सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति का प्रावधान है। इस परीक्षा का आयोजन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा किया जाता है।
सरकार ने यह भी कहा कि इस विषय पर बिहार सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है, जहां ऐसी व्यवस्था पहले से लागू है।
