
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के जेपीएससी कार्यालय घेराव और आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजयुमो के इस कदम को पूरी तरह से राजनीतिक स्टंट और युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करार दिया है। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में 19 साल में सिर्फ 5 बार जेपीएससी परीक्षा हुई, जिसमें दूसरी जेपीएससी परीक्षा पूरी तरह से विवादास्पद रहा, जिसमें कार्रवाई भी हुई। वहीं छठी जेपीएससी परीक्षा 2016 रघुवर दास सरकार में लंबित रही। छठी जेपीएससी के 326 सीटों के लिए परीक्षा प्रक्रिया हेमंत सोरेन सरकार में पूरी की गई। इसके बाद सातवीं से 10वीं जेपीएससी परीक्षा 2021 में 252 सीटों पर बहाली हुई। 2024 में 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा में 342 पदों पर नियुक्तियां हुई। इसके बाद 14वीं जेपीएससी परीक्षा 2026 में 103 पदों के लिए परीक्षा प्रक्रिया अभी पूरी की जा रही है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा का यह आंदोलन युवाओं के हित में नहीं, बल्कि अपनी डूबती राजनीतिक जमीन को बचाने की एक नाकाम कोशिश है। जेपीएससी पूरी पारदर्शिता और नियम-संगत तरीके से काम कर रहा है। वर्तमान सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है और नियुक्तियां पूरी ईमानदारी से की जा रही हैं। भाजपा के नेताओं को परीक्षाओं का सुचारू रूप से चलना पच नहीं रहा है, इसलिए वे बेवजह की खामियां निकालकर भ्रम फैला रहे हैं।
सवालों का जवाब देते हुए लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि परीक्षा परिणाम पूरी तरह से कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जारी किए जाते हैं। भाजपा शासित राज्यों का उदाहरण देने वाली भाजयुमो को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, जहां आए दिन पेपर लीक होते हैं और परीक्षाएं रद्द होती हैं। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड सरकार युवाओं की उम्र सीमा से लेकर उनकी हर जायज मांग के प्रति संवेदनशील है। भाजयुमो को अगर सच में युवाओं की चिंता है, तो वह केंद्र सरकार से साल में दो करोड़ नौकरियों के वादे पर जवाब मांगे। जेपीएससी को बदनाम करने की भाजपा की यह साजिश कभी कामयाब नहीं होगी और राज्य के युवा इनके इस बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

