
रांची : रांची, 18 जुलाई. झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (जेपीटीएस) की प्रांतीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को रांची के सिमलिया स्थित होटल LMT Continental में प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में राज्यभर से आए पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने शिक्षकों की सेवा संबंधी विभिन्न लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए.
बैठक में कहा गया कि वर्षों से शिक्षकों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. संघ ने वर्ष 2015 एवं 2016 में नियुक्त अहर्ताधारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को ग्रेड-4 तथा वर्ष 2016 में नियुक्त अहर्ताधारी शिक्षकों को ग्रेड-7 का लाभ शीघ्र देने की मांग की. संघ का कहना है कि निर्धारित सेवा अवधि और आवश्यक योग्यता पूरी करने के बावजूद हजारों शिक्षक इन लाभों से वंचित हैं.
कार्यकारिणी ने शिक्षकों को समयबद्ध तरीके से ACP/MACP का लाभ देने की मांग दोहराते हुए शिक्षा विभाग को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने और आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया. साथ ही अंतरजिला एवं अंतःजिला स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने पर जोर देते हुए वर्षों से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई.
बैठक में ₹4200 एवं ₹4600 ग्रेड पे से संबंधित पदों के विलोपन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे शिक्षकों के हितों के विरुद्ध बताया गया. संघ ने इस मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने तथा जरूरत पड़ने पर विधिक कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया.
इसके अलावा शिक्षकों के लिए शनिवार को पूर्ण अवकाश अथवा हाफ-डे लागू करने, शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने तथा पात्र महिला शिक्षकों को बिना किसी अनावश्यक बाधा के चाइल्ड केयर लीव का लाभ सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई. कैशलेस मेडिकल सुविधा के लिए एक समन्वय समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया.
संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा करते हुए जिला कार्यकारिणियों के पुनर्गठन, व्यापक सदस्यता अभियान चलाने तथा संगठन को प्रखंड और विद्यालय स्तर तक सशक्त बनाने की कार्ययोजना को भी मंजूरी दी गई.
बैठक के अंत में झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा. साथ ही सरकार से शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और सकारात्मक पहल करने की अपील की गई. बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया.

