
चाईबासा : सेंट जेवियर्स इंग्लिश स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए दो दिवसीय ‘मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता’ कार्यशाला शनिवार को संपन्न हो गया। 17 और 18 जुलाई को आयोजित इस विशेष कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में ब्रेन डायनेमिक्स की निदेशक व सदर अस्पताल चाईबासा की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. भाग्यश्री कर तथा कोल्हान विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक व क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. धर्मेन्द्र रजक उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर ज्योत्सना द्वारा दोनों अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करने के साथ हुई। इस दो दिवसीय सत्र में स्कूल की कक्षा 7वीं से 11वीं तक के लगभग 400 से 500 विद्यार्थियों और सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
इस दौरान डॉ. भाग्यश्री कर ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव, चिंता, अवसाद, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और समय पर काउंसलिंग की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए सलाह दी कि मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय समय रहते विशेषज्ञों से परामर्श लेना चाहिए। इसके बाद डॉ. धर्मेन्द्र रजक ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, बेहतर तनाव प्रबंधन करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और भावनात्मक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही एक स्वस्थ और सफल जीवन की असली आधारशिला है।
इस सफल आयोजन में विद्यालय की उप-प्राचार्या सिस्टर जैंसी, लेखाकार सिस्टर सोनिया सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को बेहद जरूरी बताया। कार्यशाला के समापन पर विद्यालय परिवार ने दोनों विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एक नई समझ और सकारात्मक दृष्टिकोण मिला है।

