
Jharkhand Constable Recruitment 2015: झारखंड कांस्टेबल भर्ती 2015 से जुड़े 888 अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को निर्देश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया से संबंधित इन अभ्यर्थियों के मामलों पर उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध पुनर्विचार किया जाए। साथ ही, पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने 3 जून 2026 को विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। यह मामला झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर किया गया था, जिसमें अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी मांग को खारिज कर दिया गया था।
दरअसल, वर्ष 2015 में जारी कांस्टेबल भर्ती विज्ञापन संख्या 04/2015 के तहत आवेदन करने वाले इन अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन जैसी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं। इसके बावजूद 29 मई 2017 को जारी अंतिम परिणाम में उनका चयन नहीं हुआ। अभ्यर्थियों का कहना था कि होमगार्ड और महिला श्रेणी में पर्याप्त उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण कई पद रिक्त रह गए थे, जिन पर नियमों के तहत नियुक्ति की जानी चाहिए थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से रिक्त और भरे गए पदों का पूरा ब्योरा मांगा। सरकार ने अदालत को बताया कि 27 मई 2026 तक राज्य में कांस्टेबल के 2,380 पद खाली हैं। इनमें 1,168 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि 1,212 पद सामान्य श्रेणी के हैं जिन्हें किसी भी लिंग के उम्मीदवारों से भरा जा सकता है।
अदालत ने निर्देश दिया कि लगभग एक दशक पुराने इस मामले में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाए। साथ ही, सभी 888 अभ्यर्थियों का दोबारा मेडिकल और शारीरिक दक्षता परीक्षण कराया जाए। हालांकि, परीक्षण के मानक उनकी वर्तमान आयु को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जो अभ्यर्थी मेडिकल और फिटनेस परीक्षण में सफल पाए जाएंगे, उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा। उनकी वरिष्ठता वर्तमान कांस्टेबल सूची के अंतिम छोर से शुरू होगी, जबकि आपसी वरिष्ठता 2015 की मूल मेरिट सूची के आधार पर तय की जाएगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह राहत केवल उन 888 अभ्यर्थियों तक सीमित रहेगी जिनके मामले 27 मई 2026 तक लंबित हैं। इस भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कोई नया दावा या आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और जेएसएससी को सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर 13 जुलाई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को होगी। इस फैसले को करीब नौ वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

