
Water Resources Department: रिश्वतखोरी के आरोप में एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए जल संसाधन विभाग के दो अभियंताओं को गिरफ्तारी के 48 दिन बाद निलंबित किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभाग ने कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो और सहायक अभियंता चिरंजीवी कुमार दांगी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है, लेकिन यह कदम तब उठाया गया जब एक आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग की ओर से अवर सचिव उपेंद्र कुमार सिन्हा ने 27 मई 2026 को निलंबन आदेश जारी किया। आदेश में दोनों अभियंताओं का मुख्यालय हजारीबाग स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। विभागीय कार्रवाई में हुई देरी अब चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि सामान्यतः भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तारी के तुरंत बाद निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
गौरतलब है कि 9 अप्रैल 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जलपथ प्रमंडल संख्या-दो कार्यालय में छापेमारी कर कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो और सहायक अभियंता चिरंजीवी कुमार दांगी को कथित रूप से 1.75 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
मामले में सहायक अभियंता चिरंजीवी कुमार दांगी को पहले ही न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। जमानत के बाद उन्होंने निलंबन आदेश की प्रति के साथ विभाग में योगदान भी दिया। वहीं कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो को भी झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
राहुल कुमार मालतो के निलंबन के बाद विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कृष्ण कुमार को जलपथ प्रमंडल संख्या-दो का जिला निकासी एवं व्यय पदाधिकारी (DDO) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
हजारीबाग स्थित जल संसाधन विभाग का मुख्यालय उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अधीन हजारीबाग के अलावा कोडरमा, चतरा, गिरिडीह, रामगढ़ और बोकारो के कुछ हिस्सों में सिंचाई, नहर, चेक डैम और अन्य जल संसाधन परियोजनाओं का संचालन किया जाता है।
नोट: रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक आरोपियों को कानूनन आरोपी माना जाता है, दोषी नहीं।

